प्रोटेम स्पीकर रामेश्वर शर्मा ने ही सबसे पहले ये मांग उठायी थी.
मुस्लिम संगठनों की ओर से भी इस पर आपत्ति उठाई गई है. मुस्लिम समाज के लोगों का कहना है बीजेपी के नेता जानबूझकर एक धर्म विशेष को टारगेट कर रहे हैं.
प्रोटेम स्पीकर रामेश्वर शर्मा के बंगले पर हुई इस मुलाकात में सिख समाज की ओर से एक ज्ञापन उन्हें सौंपा गया. यह मांग की गई की इतिहास के साक्ष्यों को ध्यान में रखते हुए ईदगाह हिल्स इलाके का नाम गुरु नानक टेकरी कर दिया जाना चाहिए. सिख समाज की ओर से आई इस मांग को प्रोटेम स्पीकर रामेश्वर शर्मा ने सरकार तक पहुंचाने का भरोसा दिया है. शर्मा का कहना है सरकारी दस्तावेजों से लेकर सभी जगह पर ईदगाह हिल्स का नाम बदलकर गुरुनानक टेकरी कर दिया जाना चाहिए.
रामेश्वर शर्मा ने ही उठाई थी मांग
ईदगाह हिल्स इलाके का नाम बदलकर गुरु नानक टेकरी करने की मांग सबसे पहले मध्य प्रदेश विधानसभा के प्रोटेम स्पीकर रामेश्वर शर्मा ने ही उठाई थी. हाल ही में गुरु नानक देव जयंती के मौके पर एक कार्यक्रम में शिरकत करते हुए उन्होंने कहा था कि करीब 500 साल पहले गुरु नानक देव जब भारत भ्रमण पर निकले थे तो भोपाल में गुरु नानक देव इस टेकरी पर आए थे. उस जगह का नाम ईदगाह हिल्स कर दिया गया इसे बदलकर गुरु नानक टेकरी किया जाना चाहिए. रामेश्वर शर्मा ने कहा था अगर उनके पास यह मांग आएगी तो वो इसे सरकार तक पहुंचा देंगे.
इस तरह आयीं प्रतिक्रिया ?
ईदगाह हिल्स इलाके का नाम बदलकर गुरु नानक टेकरी किए जाने की मांग पर सियासत भी जमकर हो रही है. एक तरफ जहां कांग्रेस ने इसे रामेश्वर शर्मा की राजनीति चमकाने का जरिया करार दिया है. तो वहीं मुस्लिम संगठनों की ओर से भी इस पर आपत्ति उठाई गई है. मुस्लिम समाज के लोगों का कहना है बीजेपी के नेता जानबूझकर एक धर्म विशेष को टारगेट कर रहे हैं. इस मुद्दे पर बीजेपी की ओर से जवाब आया है जिसमें कहा गया है कि जो भी फैसला नाम बदलने को लेकर किया जाए उसमें ऐतिहासिक साक्ष्यों को भी ध्यान में रखा जाना चाहिए. इस मांग को धर्म विशेष से जोड़कर नहीं देखा जाना चाहिए.