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- The Registrar Of 8 Districts Of Gwalior Chambal Zone Will Tell Where The Name Of The City Planner Is.
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21 मिनट पहले
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प्रदीप वर्मा, उनकी मां और पत्नी के 10 बैंक खातों की अभी भी नहीं आई जानकारी
- एलआईसी के ऑफिस और मकान के मुल्यांकन का काम भी शुरू
अब ग्वालियर-चंबल अंचल के सभी आठ जिलों के रजिस्ट्रार और सब रजिस्ट्रार बताएंगे कि रिश्वत लेने वाले सिटी प्लानर ने कहां कितना प्रॉपर्टी में इन्वेस्ट किया है। सभी जिलों के रजिस्ट्रार के लिए ईओडब्ल्यू एसपी ने पत्र लिख दिया है। इसके साथ ही एलआईसी के सभी ऑफिस और परिवहन विभाग से भी डिटेल मांगी गई है। गुरुवार को दो बैंक खातों की डिटले भी ईओडब्ल्यू को मिल गई है। जिसमें सिर्फ 2.56 रुपए जमा हैं। पर असल जड़ वो 24 फाइलें और पांच पेन ड्राइव हैं जो प्रदीप वर्मा के घर से मिली थीं उनको अभी तक ईओडब्ल्यू क्यों नहीं पढ़ पाया है।
यह था मामला
बीते सप्ताह ईओडब्ल्यू ग्वालियर ने नगर निगम के सिटी प्लानर को बिल्डर धर्मेन्द्र भारद्वाज से 5 लाख रुपए की रिश्वत लेते पकड़ा गया था। मौके पर ट्रैप करने के बाद ईओडब्ल्यू की टीम ने विनय नगर स्थित घर पर भी दबिश दी थी। यहां से काफी मात्रा में नगर निगम की फाइलें मिली थीं। 24 फाइल, 5 पेन ड्राइव के साथ ही 12 बैंक खाते मिले थे। इनकी लगातार जांच की जा रही है।
प्रॉपर्टी की डिटले नहीं मिल पा रही
एसपी ईओडब्ल्यू अमित सिंह का कहना है कि प्रदीप वर्मा के पास क्या-क्या प्रॉपर्टी है यह जानकारी नहीं मिल पा रही है। काफी समय से उसकी लोकायुक्त व अन्य जांच चल रही थीं इसलिए प्रॉपर्टी तलाशना काफी मुश्किल है। इसलिए आसपास के सभी जिलों से भी प्रॉपर्टी की डिटेल निकाली जा रही है।