मध्य प्रदेश में बीजेपी से दो-दो हाथ करने के लिए ‘प्लान यूथ’ लागू कर कांग्रेस मजबूत करेगी अपना पंजा

मध्य प्रदेश में बीजेपी से दो-दो हाथ करने के लिए ‘प्लान यूथ’ लागू कर कांग्रेस मजबूत करेगी अपना पंजा


नगरी चुनाव के मद्देनजर कमलनाथ मध्य प्रदेश कांग्रेस को नया रूप देने में जुटे हैं.

पूर्व मंत्री सज्जन सिंह वर्मा ने कहा है कि कांग्रेस को संगठन के तौर पर मजबूत बनाने के लिए पार्टी में एनएसयूआई और यूथ कांग्रेस से निकलकर आने वाले चेहरों को अब जिम्मेदारियां दी जाएंगी. नया स्वरूप 1 महीने में पूरा हो जाएगा.


  • News18Hindi

  • Last Updated:
    December 5, 2020, 5:48 PM IST

भोपाल. प्रदेश में 2018 के बाद के चुनावों में बीजेपी के मुकाबले कमजोर साबित हो रही कांग्रेस पार्टी ने अब बुजुर्ग नेताओं से किनारा करने की तैयारी कर ली है. कांग्रेस पार्टी ने लंबे समय से संगठन से जुड़े नेताओं को अब मार्गदर्शक सूची में डालने की तैयारी कर ली है. प्रदेश में बीजेपी के मुकाबले कांग्रेस के संगठन को मजबूत करने के लिए कमलनाथ ने प्लान यूथ तैयार किया है. इसके तहत अब प्रदेश की जिला इकाइयों में 70 फीसदी युवाओं को जिम्मेदारी मिलेगी. बुजुर्ग नेताओं का प्रतिशत घटा कर 30 फीसदी करने का फार्मूला इजाद किया गया है.

युवाओं को दी जाएगी संगठन में जिम्मेवार

युवा चेहरों के सहारे कांग्रेस पार्टी खुद को मजबूत करने की तैयारी में है. नगरी निकाय चुनाव से पहले कांग्रेस पार्टी अपनी जिला इकाइयों को भंग कर नई इकाइयों का गठन करने की तैयारी में है. नई इकाइयों में युवा चेहरों को तवज्जो दी जाएगी. प्रदेश इकाई में भी युवाओं को मौका देने का प्लान कांग्रेस पार्टी ने तैयार किया है. पूर्व मंत्री सज्जन सिंह वर्मा ने कहा है कि कांग्रेस को संगठन के तौर पर मजबूत बनाने के लिए पार्टी ने जो फार्मूला तय किया है, उसके तहत एनएसयूआई और यूथ कांग्रेस से निकलकर आने वाले चेहरों को अब कांग्रेस संगठन में जिम्मेदारियां दी जाएंगी. संगठन का नया स्वरूप अगले 1 महीने के अंदर पूरा हो जाएगा.

बीजेपी ने कांग्रेस के प्लान पर किया व्यंग्यवहीं, कांग्रेस के प्लान पर बीजेपी ने निशाना साधा है. प्रदेश के मिनिस्टर इंदर सिंह परमार ने कहा है कि कांग्रेस में हमेशा से बुजुर्ग नेताओं का हस्तक्षेप रहा है. कांग्रेस पार्टी में एक परिवार ही सब कुछ है. युवाओं को मौका देने की बात सिर्फ दिखावा है. कांग्रेस से युवाओं का मोह भंग हो चुका है. दरअसल प्रदेश में बीजेपी के मुकाबले कांग्रेस का कमजोर संगठन उसकी सबसे बड़ी परेशानी है और इस परेशानी से उबरने के लिए अब कमलनाथ ने संगठन में युवाओं को आगे लाने की तैयारी कर ली है. पार्टी ने आगामी नगरी निकाय चुनाव में भी युवा चेहरों को मौका देने का प्लान तैयार किया है.

फिलहाल मिक्स्ड रूप

बहरहाल प्रदेश में कांग्रेस पार्टी दो चेहरों के साथ खड़ी है. उसमें 70 साल की उम्र पार कर चुके प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ और राज्यसभा सांसद दिग्विजय सिंह शामिल हैं. सवाल इस बात को लेकर भी है कि सिर्फ संगठन में निचले स्तर पर फेरबदल से संगठन को मजबूती मिलेगी या फिर प्रदेश में नेतृत्व भी युवा हाथों में होगा.





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