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भोपाल16 मिनट पहले
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भोपाल में शुक्रवार को हेल्थ वर्कर्स पूर्व सीएम कमलनाथ से मिलने पहुंचे थे।
पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने कोरोना काल में नियुक्त किए गए 6 हजार स्वास्थ्य कर्मियों की सेवाओं को तत्काल बहाल करने की मांग की है। उन्होंने कहा कि संकट के दौरान जिसने सरकार की लाठी बनकर काम किया है, शर्मनाक है कि वही सरकार उन कोरोना वॉरियर्स पर लाठियां बरसा रही है।
पूर्व मुख्यमंत्री ने CM शिवराज सिंह चौहान को पत्र लिखकर मांग की, कि हेल्थ वर्कर्स की सेवाएं आज की कठिन परिस्थितियों में एक झटके में समाप्त कर देना मानवता और नैतिकता की दृष्टि से अनुचित है। जबकि पूर्व में ऐसे उदाहरण मौजूद हैं जब सिंहस्थ मेले के दौरान नियुक्त अस्थाई कर्मियों की सेवाएं सरकार ने बहाल की थी। उन्होंने कहा कि जब लोग घरों में बंद थे तब इन्हीं स्वास्थ्य कर्मियों ने घर से बाहर निकलकर अपनी जान की परवाह न करते हुए कोरोना की रोकथाम के लिये अपना जीवन दांव पर लगा दिया था।
हेल्थ वर्कर्स ने अपना जीवन दांव पर लगाया
इस दौरान कई हेल्थ वर्कर्स न केवल संक्रमित हुए बल्कि उनकी मौत भी हो गई थी। इनकी आवश्यकताओं को ही देखकर 6 हजार से अधिक स्वास्थ्य कर्मियों की सेवा अवधि को समय-समय पर बढ़ाया भी गया है। आज भी प्रदेश में कोरोना का संक्रमण चरम पर है भोपाल से कई शहरों में दिन-प्रतिदिन संक्रमण की दर बढ़ रही है। ऐसे में कोरोना काल में नियुक्त स्वास्थ्यकर्मियों की आवश्यकता भी बनी हुई है और आगे भी लंबे समय तक बनी रहेगी। ऐसे में प्रशिक्षित स्वास्थ्य कर्मियों की सबसे अधिक आवश्यकता होगी।
नाथ ने पूछा- स्वास्थ्य कर्मियों को सम्मानित करना प्रचार का जरिया था
कमलनाथ ने कहा कि “मुझे आश्चर्य है कि जिन स्वास्थ्य कर्मियों की कोरोना काल में उनकी उत्कृ़ष्ट सेवाओं को देखकर सरकार ने उन्हें कोरोना योद्धा के रूप में विधिवत बड़ा समारोह आयोजित कर सम्मानित किया और खूब प्रचार पाया। वही सरकार आज जब वे अपनी आजीविका बरकरार रखने की मांग कर रहे हैं तो उन पर लाठियां बरसा रहीं हैं। पूर्व मुख्यमंत्री ने शिवराज सिंह चौहान से मांग की है कि वे कोरोना काल में सरकार के साथ कंधे से कंधा मिलाकर काम कर रहे स्वास्थ्य कर्मियों की सेवाओं को तत्काल बहाल कर उनके सम्मान को बरकरार रखें।”
बता दें कि गुरुवार को नीलम पार्क में बैठे स्वास्थ्य कर्मियों को हटाने के लिए पुलिस ने लाठियां बरसा दी थीं, इसके बाद से सरकार की काफी आलोचना हो रही थी। इस लाठीचार्ज में 15 से ज्यादा महिलाओं और स्वास्थ्य कर्मियों को चोटें आई थीं। लेकिन स्वास्थ्य कर्मियों ने सरकार को अल्टीमेटम दिया था कि जब तक बहाली नहीं होगी, उनका आंदोलन जारी रहेगा। इसके बाद हेल्थ वर्कर्स पूर्व सीएम कमलनाथ से मिले थे और अपनी समस्या बताई थी।