वाहन चलाना मुश्किल: सीवरेज लाइन डालने के बाद नहीं बनाई सड़क, शुरू कर दिया ट्रैफिक, हादसे का डर

वाहन चलाना मुश्किल: सीवरेज लाइन डालने के बाद नहीं बनाई सड़क, शुरू कर दिया ट्रैफिक, हादसे का डर


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उज्जैनएक दिन पहले

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नहीं दिखता है सड़क का बिगड़ा लेवल

  • बुधवारिया से अंकपात तक, सांवेर रोड़, हरिफाटक, सहित कई प्रमुख सड़कों पर वाहन चलाना मुश्किल

भूमिगत सीवरेज प्रोजेक्ट की गति में टाटा कंपनी तेजी तो लाई है, मगर अभी भी कई ऐसे लूपहोल हैं जो आम जनता के लिए परेशानी खड़ी कर रहे हैं। शहर के जिन क्षेत्रों में सीवरेज के लिए गड्ढे खोदे गए, वहां लाइन बिछाने के बाद भी सड़क को दोबारा समतल करने में 10 से 15 दिन लग रहे हैं।

नतीजतन आवागमन में परेशानी उठा रहे क्षेत्र के रहवासी स्वयं बैरिकेड्स हटाकर रास्ता चालू कर देते हैं, इससे उबड़-खाबड़ सड़क पर दौड़ते वाहनों से कभी भी हादसा संभावित है। मामले में टाटा कंपनी के प्रोजेक्ट मैनेजर आशीष सिंघई बताते हैं कि हाथोंहाथ सड़क बनाना इसलिए मुमकिन नहीं क्योंकि पाइप लाइन का लेवल और ग्रेविटी चेक करना होती है। जबकि निगमायुक्त क्षितिज सिंघल के स्पष्ट निर्देश हैं कि सड़क को 10 से अधिकतम 15 दिन के भीतर पुन: स्वरूप में किया जाए, जिससे यातायात बाधित न हो।

नहीं दिखता है सड़क का बिगड़ा लेवल

दीनदयाल कॉम्प्लेक्स वाले क्षेत्र का आधा काम पूरा हो चुका है। कुछ हिस्से की सड़क बन चुकी है। कुछ में पाइप लाइन डालकर बस मिट्टी डाल दी गई है, जो वाहनों के निकलने के कारणा दबने से अब ये गड्ढे में तब्दील हो गए हैं। इनसे ही वाहन गुजर रहे हैं, जाे कभी भी जानलेवा बन सकते हैं। ऐसे हालात बुधवारिया से अंकपात तक, सांवेर रोड, हरिफाटक क्षेत्र चिंतामण मार्ग, पुष्पा मिशन हॉस्पिटल सहित कई प्रमुख सड़कों के हैं, जहां हादसे हाेने की आशंका है।



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