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भोपाल10 मिनट पहले
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एमसीयू में ‘महिला कर्मचारियों के अधिकार और दायित्व विषय पर संवाद एवं परिचर्चा के दौरान।
- एमसीयू में ‘महिला कर्मचारियों के अधिकार और दायित्व विषय पर संवाद एवं परिचर्चा’
माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय में विश्वविद्यालय अनुदान आयोग विनियम 2015 के तहत गठित आंतरिक शिकायत समिति द्वारा “महिला कर्मचारियों के अधिकार और दायित्व” विषय पर परिचर्चा आयोजित की गई। जुवेनाइल जस्टिस बोर्ड, भोपाल की सदस्य प्रतिभा पाण्डेय ने इस अवसर पर विश्वविद्यालय की महिला कर्मचारियों के साथ संवाद किया।
विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो केजी सुरेश ने कार्यक्रम की अध्यक्षता की। उन्होंने अपने उद्बोधन में अधिकार के साथ दायित्व बोध की आवश्यकता पर जोर डाला| कुलपति प्रो. केजी सुरेश ने कहा कि महिलाओं से संबंधित कानूनों पर जागरूकता पैदा करने की जरूरत है। महिलाओं के खिलाफ गंभीर अपराध छोटी घटनाओं से शुरू होते हैं जिन्हें आमतौर पर लोग नजरअंदाज कर देते हैं। लैंगिक उत्पीड़न से जुड़े किसी भी मामले में विश्वविद्यालय द्वारा ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति अपनाई जाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि विश्वविद्यालय के बिसनखेड़ी स्थित नये परिसर में स्टाफ के बच्चों के लिये शिशुगृह की व्यवस्था की जाएगी। उन्होंने आशा जताई की आईसीसी केवल शिकायतों के निराकरण तक ही सीमित न रहकर विश्वविद्यालय में व्यापक दृष्टिकोण के साथ कार्य करेगी।
प्रतिभा पाण्डेय ने अपने उद्बोधन में कहा कि बेटियों को सुरक्षित माहौल देने के लिए यह आवश्यक है कि हम अपने बेटों को पढ़ाएं और बताएं। माता-पिता को अपने बेटों के साथ उनके व्यवहार के बारे में बात करनी चाहिए। पांडे ने कहा कि महिला सहकर्मियों के प्रति उनका रवैया वैसा ही होना चाहिए, जैसा कि उनके परिवार में महिला सदस्यों का है। उन्होंने कहा कि एक महिला जन्म से सम्मान पाने की हकदार है। हम कानूनों द्वारा महिला की गरिमा और सम्मान को सुनिश्चित नहीं कर सकते। समाज को अपनी मानसिकता बदलनी होगी। पांडे ने अधिनियम के प्रावधानों को विस्तृत रूप से साझा किया।
सहायक रजिस्ट्रार विवेक सावरीकर ने कार्यक्रम का संचालन किया। कुलसचिव प्रो. अविनाश बाजपेयी ने स्वागत उद्बोधन दिया। आंतरिक शिकायत समिति की अध्यक्ष प्रो पी शशिकला ने कार्यक्रम के विषय से अवगत कराया और आंतरिक शिकायत समिति के सभी सदस्यों का परिचय कराया। कार्यक्रम में विश्वविद्यालय की सभी महिला शिक्षक, महिला अधिकारी एवं महिला कर्मचारियों ने सहभागिता की।
कार्यक्रम के अंत में परिचर्चा में विश्वविद्यालय में कार्यरत महिलाओं ने अपनी बातें साझा की और इस विषय से जुड़े कुछ सुझाव भी दिए। कार्यक्रम के पूर्व प्रो. शशिकला की अध्यक्षता में समिति की पहली बैठक हुई जिसमे सभी सदस्यों डॉ उर्वशी परमार, राहुल खड़िया, विवेक सावरीकर, तृप्ति वाजपेयी और प्रतिभा पांडे ने सहभागिता की। इसके बाद समिति के सदस्यों ने कुलपति के साथ संवाद किया और आगामी कार्यक्रमों की रुपरेखा पर चर्चा की|