फर्जीवाड़ा: जिंदा व्यक्ति को बता दिया मृत, सरकारी दफ्तरों में जाकर कह रहा मैं जिंदा हूं

फर्जीवाड़ा: जिंदा व्यक्ति को बता दिया मृत, सरकारी दफ्तरों में जाकर कह रहा मैं जिंदा हूं


Ads से है परेशान? बिना Ads खबरों के लिए इनस्टॉल करें दैनिक भास्कर ऐप

सागरएक घंटा पहले

  • कॉपी लिंक
  • सनौधा थाना क्षेत्र के ग्राम पड़रिया का मामला, पीड़ित ने कलेक्टर से की शिकायत

अब जीवित व्यक्तियों को भी मृत घोषित कर उनका डेथ सार्टिफिकेट बनाए जाने लगा है। मामला सागर से 24 किलोमीटर दूर सानौधा थाना क्षेत्र के पड़रिया गांव का है। यहां ग्राम पंचायत सचिव ने गांव के ही 36 वर्षीय पुरषोत्तम रजक का मृत्यु प्रमाण-पत्र बना दिया।

अपनी आंखों से अपना मृत्यु प्रमाण-पत्र देख पुरषोत्तम और उसका पूरा परिवार हैरान है। जिम्मेदारों की इस लापरवाही के बाद से पुरषोत्तम अब अपने आप को जिंदा साबित करने के लिए सरकारी दफ्तर के चक्कर यह कहते हुए लगा रहा है कि मैं जिंदा हूं, मैं जिंदा हूं।

गांव के सरपंच और सचिव पर लापरवाही का आरोप लगाया

परषोत्तम रजक ने बताया कि मेरे भाई हरिओम रजक की 17 अक्टूबर को गांव के ही कुछ लोग‌ों ने हत्या कर दी थी। हत्या के आरोप पुरूषोत्तम ने गांव के ही आकाश सहित अन्य छह पर लोगों पर लगाए थे। शिकायत सानौधा थाने में भी की गई थी।

पुरषोत्तम ने कहा कि हत्या के बाद भी पुलिस ने मामले में 304 के तहत सामान्य धाराओं में प्रकरण दर्ज किया। इसके बाद से मैं लगातार आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की मांग कर रहा हूं। इसलिए आरोपियों ने साजिश के तहत ग्राम सचिव धीरज पटैल व सरपंच संध्या पति अशोक सिंह से सांठ-गांठ कर मुझे मृत घोषित करवा दिया।

पीड़ित ने नहीं किया आवेदन

पुरषोत्तम ने बताया कि उसने मृत्यु प्रमाण-पत्र बनवाने आवेदन नहीं किया। कुछ दिन पहले पंचायत के कुछ लोग मेरे घर आए और पत्नी से कुछ कागजों पर हस्ताक्षर कराकर मृत्यु प्रमाण-पत्र दे गए। मामले की शिकायत कलेक्टर दीपक सिंह से भी की है।

पुरषोत्तम ने आरोपियों से अपनी जान को खतरा भी बताया है। जब सचिव धीरज पटैल से बात की गई तो उनका कहना है कि उन्होंने किसी का डेथ सार्टिफिकेट नहीं बनाया और सुबह बात करता हूं कहकर फोन काट दिया।



Source link