स्टे खारिज होते ही कार्रवाई: आईटी पार्क नहीं बनाया तो यूडीए ने इस्कॉन से जमीन वापस ली

स्टे खारिज होते ही कार्रवाई: आईटी पार्क नहीं बनाया तो यूडीए ने इस्कॉन से जमीन वापस ली


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उज्जैन6 घंटे पहले

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आईटी पार्क के लिए आंवटित भूमि पर अपने स्वामित्व का बोर्ड लगाते यूडीए के अधिकारी

  • 2.84 हेक्टेयर में बनना था आईटी पार्क

उज्जैन विकास प्राधिकरण ने बुधवार को इस्कॉन की सहयोगी संस्था वराहमिहिर इन्फोडोमेन को आईटी पार्क बनाने के लिए दी गई जमीन पर कब्जा वापस ले लिया। संस्था ने कोर्ट से स्थगन आदेश ले रखा था। मंगलवार को स्टे खारिज होते ही यूडीए ने कार्रवाई की।

एक लाख वर्गफीट में बनना था आईटी पार्क

यूडीए के कार्यपालन यंत्री केसी पाटीदार ने बताया कि दिसंबर 2005 में भरतपुरी प्रशासनिक क्षेत्र में आईटी पार्क बनाने के लिए इस्कॉन की सहयोगी संस्था वराहमिहिर इन्फोडोमेन प्रा. लि. को भूखंड क्रमांक 43 आवंटित किया गया था। अनुबंध के मुताबिक एक साल के भीतर भवन अनुज्ञा लेकर संस्था को तीन साल में एक लाख वर्ग फीट का निर्माण पूरा करना था। उसके बाद ही दूसरे चरण का कार्य शुरू होता। पाटीदार के मुताबिक संस्था ने जब कार्य नहीं शुरू किया, तो नोटिस दी गई। करीब 14 साल तक लिखा पढ़ी चलती रही।

पार्क का निर्माण कार्य जब नहीं शुरू हुआ, तो इस साल संस्था का भूमि आंवटन निरस्त कर दिया गया। आवंटन निरस्तीकरण के खिलाफ संस्था ने कोर्ट से स्थगनादेश प्राप्त कर लिया। मंगलवार को स्थगन आदेश खारिज हो गया। बुधवार को यूडीए ने जमीन पर अपना कब्जा जमा लिया।



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