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खंडवा10 मिनट पहले
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जिले के जंगल में अवैध पेड़ कटाई के मामले में खंडवा सीसीएफ एमएस सिसोदिया ने नावरा रेंजर गुलाबसिंह बामनिया को निलंबित कर दिया है।
रेंजर बामनिया मूलतः खरगोन जिले के रायसागर गांव के निवासी हैं। अतिक्रमणकारियों का मुख्य सरगना बताया जा रहा लालसिंग ससतिया भी रेंजर के गांव का ही रहने वाला है। आदतन अतिक्रमणकारी गेलसिंग छतरसिंग भी खरगोन जिले के रूपगढ़ का निवासी है। ये दोनों अतिक्रमणकारी घाघरला के जंगल में हुई कटाई में शामिल बताए जा रहे हैं। कहा जा रहा है कि रेंजर बामनिया उन्हें अतिक्रमण के लिए जंगल में घुसने में सहयोग करते थे। इससे पहले भी उनके द्वारा जंगल में अवैध पेड़ कटाई के लिए सहयोग किया जाता रहा है। इसको लेकर उनके खिलाफ दर्जनों शिकायतें मिली थी। डीएफओ गौरव चौधरी ने जांच प्रतिवेदन सीसीएफ कार्यालय भेजा था। इसके बाद यहां से एक महीने पहले रेंजर की जांच शुरू कराई गई। इसमें उन्हें दोषी पाया गया। इसीलिए निलंबित किया गया है।
लालसिंग को गिरफ्तार करने गई पुलिस से हुई थी मारपीट
लालसिंग घाघरला के जंगल में 7 नवंबर को अतिक्रमण हटाने गई टीम पर हमला करने का भी आरोपी है। उस पर एसपी राहुल कुमार लोढा ने इनाम भी घोषित किया है। रविवार शाम उसे पकड़ने के लिए बुरहानपुर जिले से पुलिस उसके गांव रायसागर पहुंची थी लेकिन यहां उसके परिजन ने पुलिस के साथ झूमाझटकी की थी। महिलाओं ने उन्हें दांत से काटा और नाखून भी मारे। मौका देखकर लालसिंग घर के पिछले दरवाजे से भाग निकला था। उसने और उसके भाई ने पुलिस पर गोफन से पत्थर भी चलाए थे।
अवैध कटाई, अतिक्रमण मामलों में शामिल थे रेंजर
^अवैध पेड़ कटाई, अतिक्रमण सहित अन्य मामलों में नावरा रेंजर बामनिया शामिल रहे हैं। डीएफओ से प्रतिवेदन मिला। इस पर एक महीने पहले शुरू की गई जांच में उन्हें दोषी पाया गया है। 5 दिसंबर को निलंबन पत्र जारी किया था।
एमएस सिसोदिया, सीसीएफ, खंडवा