दुल्हन न मिलना लड़के को मंजूर नहीं था. (प्रतीकात्मक फोटो) .
दूल्हा अपनी दुल्हन की मांग में सिंदूर भर चुका था. उसे इस बात से कोई इत्तेफाक नहीं था कि लड़की नाबालिग है. इसलिए उसे पत्नी को छोड़ना नागवार गुजरा. उसे कुछ और नहीं सूझा तो वो साली को लेकर ही फरार हो गया.
- News18Hindi
- Last Updated:
December 12, 2020, 1:49 PM IST
पुलिस और महिला बाल विकास अधिकारियों को सूचना मिली की कुसुम (परिवर्तित नाम) नाबालिग है और दलित समुदाय से आती है. उसके घर वाले उसकी शादी करवा रहे हैं. सूचना मिलते ही पुलिस लड़की के घर पहुंच गई और दूल्हा-दुल्हन सहित परिवार वालों को समझाया और लड़की को थाने ले आई. हालांकि, शादी हो चुकी थी और लड़का लड़की की मांग में सिंदूर भर चुका था, लेकिन पुलिस ने इस शादी को अमान्य कर दिया. पुलिस लड़के को समझाती रही कि कानूनन यह कदम गलत है. इसके क्या परिणाम हो सकते हैं, उसे और उसके घरवालों को क्या सजा मिल सकती, ये शादी क्यों नहीं हो सकती. लेकिन, लड़का लगातार पुलिस की बात को मानने से लगातार इनकार करता रहा.
जब बौखला गया लड़का
जब लड़के को लगा कि अब उसका बस नहीं चलेगा तो वह बौखला गया और थाने से बाहर निकला. इस बीच उसे पता नहीं क्या सूझा कि वह दुल्हन की बहन के पास गया और उसे उठाकर भाग गया. यह लड़की भी नाबालिग ही है. पुलिस ने जैसे-तैसे लड़की को तो ढूंढ लिया, लेकिन लड़का अभी भी फरार है, उसकी तलाश की जा रही है. पुलिस ने ये रिश्ता करवाने वाली दूल्हे की मौसी को गिरफ्तार किया है.