गौतम गंभीर, शिखर धवन को दिल्ली की टीम में चुनने वाले कीर्ति आजाद फिर बनेंगे सेलेक्टर?

गौतम गंभीर, शिखर धवन को दिल्ली की टीम में चुनने वाले कीर्ति आजाद फिर बनेंगे सेलेक्टर?


कीर्ति आजाद ने दिल्ली क्रिकेट टीम का सेलेक्टर बनने के लिए दिया आवेदन (साभार-कीर्ति आजाद इंस्टाग्राम)

दिल्ली क्रिकेट टीम के सेलेक्टर बनने के लिए कीर्ति आजाद (Kirti Azad) ने दिया आवेदन, बिशन सिंह बेदी ने किया था निवेदन

नई दिल्ली. भारत की विश्व कप जीतने वाली टीम (1983) के सदस्य रहे कीर्ति आजाद (Kirti Azad) ने पूर्व दिग्गज स्पिनर बिशन सिंह बेदी के ‘निवेदन’ पर दिल्ली क्रिकेट टीम (DDCA) के चयनकर्ता पद के लिए आवेदन किया है. भारतीय क्रिकेट बोर्ड (बीसीसीआई) ने हाल ही में राष्ट्रीय चयनकर्ताओं के लिए ऊपरी आयु सीमा 60 वर्ष कर दी थी लेकिन यह देखना होगा कि दिल्ली एंव जिला क्रिकेट संघ (डीडीसीए) के लिए क्या कोई अलग मानदंड हैं.

कीर्ति आजाद बनेंगे दिल्ली के सेलेक्टर?
कीर्ति आजाद ने इस बात की पुष्टि की कि उन्होंने अपना आवेदन राज्य की तीन सदस्यीय क्रिकेट सलाहकार समिति (सीएसी) को भेजा है, जिसके प्रमुख भारत और दिल्ली के पूर्व खिलाड़ी अतुल वासन हैं. उन्होंने पीटीआई-भाषा से कहा, ‘ हां, मैंने चयनकर्ता के पद के लिए आवेदन किया है. जब मैं 2000 के दशक की शुरुआत में राष्ट्रीय (तथा दिल्ली का) चयनकर्ता था, तब मैंने गौतम गंभीर, शिखर धवन को दिल्ली टीम में शामिल किया.’

दिल्ली क्रिकेट की कीर्ति बढ़ाएंगे आजाद?कीर्ति आजाद ने कहा, ‘ मुझे मेरे ‘कप्तान’ बिशन सिंह बेदी और बहुत सारे क्रिकेट प्रशंसकों ने इस बारे में पूछा था कि क्या मैं दिल्ली क्रिकेट के गौरव के दिनों को वापस ला सकता हूं. ‘ पहले भारतीय जनता पार्टी में रहे आजाद अब कांग्रेस से जुड़े हुए हैं. जब अरुण जेटली डीडीसीए के अध्यक्ष थे तब आजाद के उनके साथ मतभेद थे.

आजाद हालांकि यह नहीं मानते कि नए अध्यक्ष रोहन जेटली के साथ काम करने में उन्हें कोई परेशानी होगी. रोहन भाजपा के पूर्व दिग्गज अरूण जेटली के बेटे है. भारत के लिए सात टेस्ट और 25 एकदिवसीय खेलने वाले 61 साल के इस पूर्व खिलाड़ी ने कहा, ‘ जेटली के साथ मेरा कोई बड़ा विवाद नहीं था. हां, हम कुछ मुद्दों पर सहमत नहीं हो सकते थे और मैं उसे लेकर काफी मुखर था. जहां तक ​​रोहन की बात है, मैं उसे बेटे की तरह मानता हूं.’ उन्होंने कहा, ‘ रोहन एक युवा है और उसके पास नए विचार हैं. मैं पुराने गड़े मुद्दों को खोदने में विश्वास नहीं करता. आइए, दिल्ली क्रिकेट की बेहतरी के लिए मिलकर काम करें.’





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