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भोपालएक घंटा पहले
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रेन बसेरा में भोपाल के डिवीजनल कमिश्नर कवींद्र कियावत विकलांग से बातचीत करते हुए।
- कियावत ने तहसीलदार को फोन पर दिए निर्देश- दो दिन में विकलांग की पेंशन शुरु हो जाना चाहिए
राजगढ़ का राकेश विश्वकर्मा चार दिन से रेन बसेरा में ठहरा था, कमिश्नर ने 200 रुपए देकर घर भेजा भोपाल के डिवीजनल कमिश्नर कवींद्र कियावत सोमवार रात 10 बजे शहर के रेन बसेरा के औचक निरीक्षण करने पहुंच गए। सुल्तानिया अस्पताल के सामने नगर निगम द्वारा संचालित रेन बसेरा में उन्हें गेट पर ही एक विकलांग मिल गया। कियावत ने उससे पूछा- कहां के रहने वाले हो, पेंशन मिल रही है कि नहीं? उसने बताया कि वह राजगढ़ के जांगड़ा गावं का रहने वाला है। नाम राकेश विश्वकर्मा है। पिछले चार दिन से रेन बसेरा में रूका हूं।पेंशन नहीं मिलती है। कियावत का दूसरा सवाल- विकलांगता प्रमाण पत्र बना है? फिर ना में जवाब मिला। इतना सुनते ही कियावत ने सीधे राजगढ़ के तहसीलदार को फोन किया- मैं कमिश्नर भोपाल बोल रहा हूं। राकेश विश्वकर्मा एक विकलांग है। यह कल राजगढ़ पहुंचेगा। इसका विकलांगता का प्रमाण पत्र बनना है। इसको अस्पताल लेकर जाएं और प्रमाण बनवांए। उसके आधार पर पेंशन शुरु कराई जाए। इसके अलावा अन्य सरकारी सुविधाएं भी उसे उपलब्ध कराई जाए। इसके बाद कियावत ने उसे राजगढ़ जाने के लिए 200 रुपए भी दिए।

रेन बसेरा में ठहरे लोगों से सुविधाओं के बारे में जानकारी लेते कवींद्र कियावत
नादरा बस स्टैंड के रेन बसेर में कंबल नहीं थे
सुल्तानिया अस्पताल के सामने रेन बसेरा का निरीक्षण करने के बाद कमिश्नर नादरा बस स्टैंड स्थित रेन बसेरा पहुंचे। यह निरीक्षण के दौरान वहां ठहरे लोगों की संख्या के हिसाब से कंबल कम मिले। उन्होंने नगर निगम कमिश्नर बीएस कोलसानी चौधरी को निर्देश दिए कि कंबल की पर्याप्त मात्रा में व्यवस्था की जाए।
फुटपाथ पर सोते मिले बेघर
कमिश्नर को बस स्टैंड के आसपास फुटपाथ में कई बेघर लोग सोते मिले। उन्होंने नगर निगम के सभी जोनल अधिकारियों को निर्देश दिए कि रात में ही वे शहर का भ्रमण करें और जितने भी बेघर फुटपाथ पर सो रहे हैं, उन्हें रेन बसेरों में पहुंचाएं। कियावत ने जवाहरलाल नेहरू कैंसर अस्पताल में नगर निगम द्वारा संचालित सामुदायिक आश्रय स्थल का निरीक्षण भी किया।