हाईस्कूल: 10% विद्यार्थी ही पहुंचे, जो ऑनलाइन पढ़ाया था उसे दोहराया, पैरेंट्स बोले-कोरोना बढ़ रहा है

हाईस्कूल: 10% विद्यार्थी ही पहुंचे, जो ऑनलाइन पढ़ाया था उसे दोहराया, पैरेंट्स बोले-कोरोना बढ़ रहा है


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रतलाम4 मिनट पहले

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  • अभिभावकों में पहले दिन दिखा कोरोना का खौफ, बच्चों को स्कूल भेजने में की आनाकानी, बोले-पहले सुरक्षा के इंतजाम हों

राज्य सरकार के आदेश और जिला क्राइसिस समिति के आदेश पर शुक्रवार से हाईस्कूल और हायर सेकंडरी स्कूलों की 9वीं से 12वीं तक की कक्षाएं शुरू हुईं लेकिन पहले दिन स्कूलों में 10 फीसदी उपस्थिति भी नहीं रही। चूंकि अभिभावकों की इजाजत के साथ बच्चों को स्कूलों में प्रवेश दिया जाना था। इससे प्राचार्यों ने अभिभावकों से चर्चा की। इसमें कुछ ने सहमति जताई तो कुछ में अभी भी कोरोना का खौफ है। इससे अभी भी कई अभिभावक आनाकानी कर रहे हैं। अभिभावकों का कहना है कि कोरोना चल रहा है। इससे स्कूल रेगुलर ना लगे और कभी कभार कक्षाएं लगे। … इसलिए भी स्कूलों में कम आए विद्यार्थी बच्चों की उपस्थिति कम होने की एक वजह कोरोना है तो साथ ही होस्टल नहीं खुलना भी है। सरकारी स्कूलों में 70 फीसदी बच्चे आसपास के गांवों से आकर पढ़ते हैं। लेकिन होस्टल ही बंद है। ऐसे में जब तक होस्टल नहीं खुलते हैं तब गांवों के बच्चे आना मुश्किल है।

राज्य ओपन की परीक्षा बनी मुसीबत
राज्य ओपन की परीक्षा अधिकतर सरकारी हायर सेकंडरी स्कूल परीक्षा केंद्र हैं। इनमें सुबह 8 से 11 बजे तक दसवीं एवं दोपहर 2 से शाम 5 बजे तक 12वीं ओपन की परीक्षा हो रही है। इससे स्कूलों में पढ़ाई में दिक्कत आ रही है। ऐसे में स्कूलों के पास सिर्फ 11 से दोपहर 2 बजे का ही पढाई का समय मिल पा रहा है।

1 बच्चों को दिलाई शपथ- हम मास्क लगाएंगे

शाला : माणकचाैक हायर सेकंडरी स्कूल

कुल विद्यार्थी : 273 उपस्थित : 20
यह रहा खास : विद्यार्थियों को यहां प्रवेश के पहले मास्क लगाने के साथ ही सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करने की शपथ दिलाई। बच्चों ने इस दौरान आॅनलाइन पढ़ाई के दौरान आई कठिनाइयों को सामने रखा और शिक्षकों से सवाल पूछकर अपनी जिज्ञासा शांत की। इधर, अभिभावकों का कहना था कि अभी कोरोना बढ़ रहा है इसलिए एक दिन छोड़कर स्कूल भेजेंगे। प्राचार्य साधना कुलश्रेष्ठ ने बताया सैनिटाइज के बाद प्रवेश दिया गया। एक बैंच पर एक ही बच्चे को बैठाया।

2 जो बच्चे नहीं आए उनसे ऑनलाइन चर्चा की

शाला : नवीन कन्या हायर सेकंडरी स्कूल

कुल छात्राएं : 316 उपस्थित : 21
यह रहा खास : आनंद कॉलोनी के इस स्कूल में एक टेबल पर एक छात्रा को बैठाया ताकि सोशल डिस्टेंसिंग मेंटेन हो सके। वहीं स्कूल प्रशासन ने बच्चों की हाजिरी के लिए अभिभावकों से चर्चा की। जो बच्चे नहीं आए उनसे मोबाइल फोन लगकार ऑनलाइन चर्चा की। प्राचार्य ममता अग्रवाल ने बताया कि कोविड 19 के नियमों का पालन कर स्कूल का संचालन किया। उपस्थिति बढ़ाने का प्रयास कर रहे हैं। कई अभिभावक आनाकानी कर रहे हैं। लेकिन उन्हें समझा रहे हैं।

सैनिटाइजर मशीन लगाई, फिर भी 37 छात्राएं आईं

शाला : लक्ष्मीबाई हायर सेकंडरी स्कूल

कुल छात्राएं : 206 उपस्थित : 37
यह रहा खास : कोठारीवास के स्कूल में ऑटो सैनिटाइज्ड मशीन लगाकर क्लास रूम में प्रवेश दिया गया। इसके बावजूद यहां दर्ज 206 छात्रओं में से 37 ही हाजिर हुईं। छात्राओं की सबसे पहले ऑनलाइन जिज्ञासाएं शांत की। उपस्थिति बढ़ाने के लिए अभिभावकों को कॉल किया गया। प्राचार्य अंजली श्रीवास्तव ने बताया कि दसवीं में 74 छात्राएं दर्ज हैं। इसमें से 15 ही आईं। वहीं 12वीं में 132 छात्राएं दर्ज हैं। इसमें से 22 ही आई। काॅल कर रहे हैं ताकि उपस्थिति बढ़ा सकें।

समझ में नहीं आई ऑनलाइन पढ़ाई, इसलिए अब दोहराना पड़ेगा

आंबेडकर नगर स्थित विनोबा हायर सेकंडरी स्कूल भी शुक्रवार से खुला। 9 से 12वीं तक की कक्षाएं लगना थी। लेकिन पहला दिन पैरेंट्स मीटिंग में निकल गया। यहां बच्चे अभिभावकों के साथ पहुंचे और बोले हम बच्चों को स्कूल भेजेंगे लेकिन सुरक्षा के क्या इंतजाम हैं यह बताओ। इस पर प्राचार्य नीरू वर्मा एवं राजेंद्र अग्रवाल ने जानकारी दी। सागोद रोड उत्कृष्ट स्कूल में 9वीं से 12वीं तक की क्लास लगी। दोपहर में पहली मंजिल पर हिंदी की व्याख्याता पूर्णिमा शर्मा बच्चों की क्लास ले रही थीं। यहां पहुंचे बच्चे ने कहा पाठ कुछ समझ में नहीं आया। इससे दोबारा हमें पढ़ाओ। इस पर उन्होंने वह पाठ दोबारा पढ़कर सुनाया। करीब 15 मिनट तक रामचंद्र शुक्ल का यह पाठ पढ़ाया।

अभिभावक सहयोग करें
पालक संघ के अनुराग लोखंडे ने बताया कि स्कूलों को कोविड नियमों का पालन करते हुए क्लासों का संचालन करना चाहिए। बच्चों के लिए प्रापर तरीके से सैनिटाइजर की व्यवस्था भी की जाना चाहिए। दसवीं एवं बारहवीं की प्रैक्टिकल परीक्षा होना है। इससे अभिभावकों को भी बच्चों को स्कूल भेजना चाहिए ताकि सुचारु पढ़ाई हो सके।
बच्चों को स्कूल भेजें – डीईओ केसी शर्मा ने बताया कि अभिभावक चिंता ना करें। कोविड नियमों का पालन करते हुए क्लासें लगाई जा रही हैं। बेखौफ होकर अपने बच्चों को भेजें। दसवीं एवं बारहवीं की बोर्ड परीक्षा होना है।
बच्चों की उपस्थिति पर फोकस – शिक्षकों का फोकस अब पढ़ाई से ज्यादा बच्चों की उपस्थिति बढ़ाने पर है। अभिभावक बच्चों को भेजने में आनाकानी कर रहे हैं। वहीं 10 वीं एवं 12वीं की बोर्ड की परीक्षा है। यदि बच्चे स्कूल नहीं आएंगे तो रिजल्ट कमजोर रहने का अंदेशा है।



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