ग्वालियर : मिलावटी प्लाज्मा से हुई थी मरीज की मौत, जानें कैसे चलता था यह रैकेट

ग्वालियर : मिलावटी प्लाज्मा से हुई थी मरीज की मौत, जानें कैसे चलता था यह रैकेट


मध्य प्रदेश में प्लाज्मा रैकेट का पर्दाफाश हुआ. (सांकेतिक तस्वीर)

प्लाज्मा चढ़ाने के बाद मनोज नामक जिस शख्स की मौत हुई थी, उसकी पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट से पता चला कि उसके खून में इन्फेक्शन हो गया था. इस रिपोर्ट के आने के बाद पुलिस ने अपनी जांच में एक निजी अस्पताल के सिक्योरिटी गार्ड को संदिग्ध पाया.


  • News18Hindi

  • Last Updated:
    December 20, 2020, 10:55 PM IST

ग्वालियर. मध्य प्रदेश के ग्वालियर में प्लाज्मा चढ़ाने के बाद हुई मौत के मामले में स्वास्थ्य विभाग ने जिस प्लाज्मा को जब्त कर जांच के लिए भेजा था, उसकी रिपोर्ट में बताया गया है कि प्लाज्मा में मिलावट की गई है. विशेषज्ञों ने बताया कि इस मिलावटी प्लाज्मा के शरीर में प्रवेश करने से खून में संक्रमण हो जाता है और मरीज की मौत हो जाती है. दरअसल, इस प्लाज्मा को चढ़ाने के बाद मनोज नामक जिस शख्स की मौत हुई थी, उसकी पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट से पता चला कि उसके खून में इन्फेक्शन हो गया था. इस रिपोर्ट के आने के बाद पुलिस ने अपनी जांच में एक निजी अस्पताल के सिक्योरिटी गार्ड को संदिग्ध पाया. उसे हिरासत में लेकर जब पूछताछ की गई तो उसने सारा सच उगल दिया.

सिक्योरिटी गार्ड से खुला राज

अस्पताल के सिक्योरिटी गार्ड ने पुलिस को एक निजी अस्पताल के कर्मचारी महेश मौर्य के बारे में बताया. जब मौर्य को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई तो राधास्वामी ब्लड बैंक के देवेंद्र गुप्ता, अजय त्यागी और मनीष त्यागी नाम के तीन लोगों की भूमिका सामने आई. तब पुलिस ने इन तीनों को भी हिरासत में लिया और पूछताछ की. इन तीनों आरोपियों ने बताया कि इस पूरे रैकेट का मास्टरमाइंड अजय त्यागी है, जिसने कोरोना में प्लाज्मा के महत्त्व को देखते हुए उसमें मिलावट कर लाभ कमाना शुरू किया. पुलिस ने जब अजय त्यागी के ठिकानों पर छापेमारी की तो वहां से जयारोग्य अस्पताल के ब्लड बैंक की फर्जी सीलें, प्लाज्मा भरने के 200 बैग, डिस्टिल्ड वॉटर, नॉरमल सलाइन, रेड क्रॉस की नकली रसीदें, अस्पताल की क्रॉस मैचिंग रिपोर्ट और प्लाज्मा पैकिंग के सामान मिले. इस बारे में एसपी अमित सांघी ने बताया कि अजय त्यागी ने अपना जुर्म कबूल कर लिया है. उसने बताया कि वह कैसे प्लाज्मा में मिलावट करता था.

प्लाज्मा चढ़ाने के बाद कोविड पेशेंट मनोज की हो गई थी मौतआपको बता दें कि ग्वालियर (Gwalior) के एक निजी अस्पताल में कोविड-19 (Covid 19) के मरीज मनोज तिवारी की मौत प्लाज्मा चढ़ाने के बाद हो गई थी. उसके परिवार का आरोप था कि नकली प्लाज्मा होने की वजह से मनोज की मौत हुई है. उन्होंने आरोप लगाया था कि अस्पताल प्रबंधन के कहने पर ही बताए हुए व्यक्ति से प्लाज्मा खरीदा गया था और अस्पताल प्रबंधन ने बिना जांच किए प्लाज्मा चढ़ा दिया. इस मामले में शक के दायरे में जयारोग्य अस्पताल का ब्लड बैंक आया था. क्योंकि प्लाज्मा सप्लायर ने वहीं से प्लाज्मा लाने की बात कही थी. उसने मरीज के परिजनों को उस अस्पताल की पर्ची भी दी थी. पर इस मामले में जयारोग्य अस्पताल प्रबंधन ने कहा- अभी तक की जांच में यह सामने आया है कि उनके ब्लड बैंक से कोई प्लाज्मा जारी नहीं हुआ है.

अस्पताल प्रबंधन ने दिया था नंबर

अस्पताल प्रबंधन ने किसी शख्स का फोन नंबर देकर उससे संपर्क करने के लिए कहा था. संबंधित व्यक्ति ने 18 हजार रुपए में प्लाज्मा का इंतजाम कर दिया और कहा कि वह जयारोग्य अस्पताल के ब्लड बैंक से प्लाज्मा लेकर आया है.





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