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इंदौर5 मिनट पहले
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पिस्टलनुमा इसी लाइटर को लेकर दुकान में लूट की वारदात को अंजाम दिया था।
मल्हारगंज थाना क्षेत्र के इतवारिया बाजार कांच मंदिर के पास रंग महल में स्थित दुकान में हुई सनसनीखेज लूट की वारदात का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। लूट की जो कहानी सामने आई है वह किसी फिल्म से कम नहीं है। आरोपियों ने लूट की प्लानिंग एक महीने पहले उस समय कर ली थी जब वे एक आरोपी की शादी के लिए किराए से शेरवानी लेने आए थे। यहां गल्ले में ढेर सारे रुपए और व्यापारी को गोल्ड पहने देखकर उनका दिमाग घूम गया था। उन्होंने इसके लिए ऑनलाइन पिस्टल नुमा लाइटर मंगवाया। लाइटर रखने के लिए एक डायरी भी मंगवाई, बॉक्सनुमा इस डायरी में पिस्टल आराम से पैक हो जाती थी, जो बाहर से देखने पर डायरी लगती थी।

सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गए थे लूट के आरोपी।
ऐसे बनी लूटने की प्लानिंग
जानकारी अनुसार आरोपी नरेंद्र की 25 नवंबर को शादी थी। इसलिए इतवारिया बाजार में आशीष अजमेरा की दुकान पर शेरवानी किराए पर लेने आया था। शेरवानी लेने के दौरान इसकी नजर दुकान स्थित गल्ले पर चली गई। जिसमें ढेर सारे रुपए रखे हुए थे। इसके अलावा व्यापारी के गले में भी सोने की चेन लटक रही थी। इतने रुपए देखकर इसकी नीयत डोल गई और उसने यहीं से लूट की प्लानिंग कर डाली। शेरवानी देखने के दौरान उसने दुकान की पूरी रैकी कर डाली।
इसके बाद उन्होंने कुछ महीनों पहले ऑनलाइन मंगवाए गए पिस्टलनुमा लाइटर से लूट की पूरी तैयारी की। साढ़े 700 रुपए में मंगाया गया यह लाइटर एक डायरी में पैक था। डायरी भी ऐसे कटी हुई थी कि लाइटर उसके भीतर आसानी से रखा जा सकता था। बाहर से वह डायरी लगती थी, लेकिन खोलने पर पिस्टल नजर आती थी। जो डराने के लिए काफी थी।

पिस्टल अड़ाकर दुकानदार को लूटा था।
ऐसे दिया था लूट को अंजाम
डीआईजी हरिनारायणाचारी मिश्र के अनुसार 18 दिसंबर की शाम कांच मंदिर के पास इतवारिया बाजार में कपड़ा व्यापारी आशीष (35) पिता राजमल अजमेरा की दुकान में तीन बदमाशों ने रिवाल्वर अड़ाकर उनके हाथ पैर बांधकर लूट की वारदात की थी। वे शेरवानी देखने के बहाने शाॅप में घुसे। उन्होंने दुकान मालिक से शेरवानी दिखाने को कहा। एक युवक शेरवानी लेकर चेंजिंग रूम में गया और फिर शॉप ऑनर से और शेरवानी दिखाने को कहा। इस पर वह शेरवानी लेकर ट्रॉयल रूम के पास पहुंचा तो पीछे से उसके दूसरे साथी ने उसे दबोच लिया और पटक कर पिस्टल अड़ा दी। इसके बाद उसके गले से चेन खींची और जेब, गल्ले के नकदी लेकर भाग निकले। इतना ही नहीं जो शेरवानी उसने पहनी थी वह और उसके साथ एक और शेरवानी भी ले गए। जाते-जाते एक आरोपी की नजर सीसीटीवी कैमरे में पड़ी तो उसने डीवीआर ही निकाल ली।

डायरीनुमा बॉक्स में रखते थे लाइटर।
आरोपियों को पकड़ने 250 कैमरों को खंगाला
सूचना के बाद पुलिस ने अन्य जगह के सीसीटीवी कैमरे खंगाले तो उसके दो नहीं तीन आरोपी नजर आए। एक आरोपी बाहर ही खड़ा होकर उनका इंतजार कर रहा था। आरोपियों तक पहुंचने के लिए पुलिस ने करीब 250 कैमरों की रिकार्डिंग देखी और 100 से भी ज्यादा अपराधियों से पूछताछ की। ऐसी ही एक लूट महेश्वर में होने की सूचना पर पुलिस ने सर्चिंग की तो आरोपी गिरफ्त में आ गए। इसके बाद पुलिस ने 27 वर्षीय आरोपी नरेंद्र उर्फ सरदार पिता संतोष चौहान निवासी कुंदन नगर, 24 साल का राहुल पिता राजेश गुप्ता निवासी परदेसीपुरा को गिरफ्तार कर लिया। वहीं, उनका एक साथी हेमू उर्फ हेमंत पिता प्रहलाद पाल निवासी परदेसीपुरा फरार है। इनके पास से पुलिस ने एक सोने की चेन, डीवीआर की हार्ड डिस्क, शेरवानी और 6400 रुपए नकद बरामद किए हैं। इनके गिरफ्त में आने से मंडलेश्वर में एक मोबाइल लूट की वारदात का भी खुलासा हो गया है।
जुएं की लत ने बनाया लुटेरा
पुलिस अनुसार हुलिए के आधार पर गिरफ्त में आए नरेंद्र को जुएं की लत थी। इस कारण उस पर काफी कर्ज हो चुका था। शादी के दौरान भी कुछ उधारी हो गई थी। इसी लत के कारण वह साथियों के साथ मिलकर वारदात को अंजाम देने लगा था। आरोपियों ने इसके पहले मंडलेश्वर में मोबाइल लूट की वारदात को अंजाम दिया था। इसके अलावा उन्होंने 3 अन्य वारदातें करना भी कबूली है। नरेंद्र जहां पहले सीसीटीवी कैमरे लगाने का काम किया करता था। इसलिए दुकान में लूट की वारदात को अंजाम देने के बाद वह डीवीआर भी लेकर फरार हो गया था। वहीं, राहुल ड्राइवरी करता है।