सराहनीय पहल: पुलिस ने बदमाश भानजे से मकान का कब्जा छुड़वाया; 10 साल बाद मालकिन मामी को मिला हक

सराहनीय पहल: पुलिस ने बदमाश भानजे से मकान का कब्जा छुड़वाया; 10 साल बाद मालकिन मामी को मिला हक


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उज्जैन9 मिनट पहले

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पीड़िता को मकान की चाबी देते एसडीएम संजय साहू व सीएसपी डॉ रवींद्र वर्मा

  • मकान मालिकन बदमाश की रिश्ते में मामी लगती है
  • 10 साल से कब्जे के लिए भटक रही थी पीड़िता

पुलिस ने बुधवार को एक हिस्ट्रीशीटर बदमाश के कब्जे से मकान मुक्त कराकर उसकी मालकिन को सौंपा। मकान मालकिन बदमाश की रिश्ते में मामी लगती है। करीब 10 साल पहले पति की मृत्यु हो जाने के बाद से बदमाश भांजे ने मकान पर कब्जा जमा लिया था। उसके बाद से मामी कब्जा पाने के लिए दर-दर की ठोकरें खाने को मजबूर थी।

सीएसपी डॉ रवींद्र कुमार वर्मा (ट्रेनी आईपीएस) ने बताया कि प्रकाश नगर में रहने वाली यशोदा जिनवाल के पति लोकायुक्त पुलिस कार्यालय में क्लर्क थे। करीब 10 साल पहले उनकी हार्टअटैक से मृत्यु हो गई थी। मृत्यु के बाद मिली धनराशि से यशोदा एक मकान खरीदना चाहती थीं। यशोदा के भांजे हिस्ट्रीशीटर बदमाश मुकेश भदाले ने उससे करीब 12 लाख रुपए लिए। उस पैसे से ही प्रकाश नगर में एक मकान खरीदा। उसकी रजिस्ट्री भी यशोदा के नाम कराई। बुधवार को एसडीएम संजय साहू और सीएसपी ने पीड़िता को उसके मकान पर कब्जा दिला दिया।

रजिस्ट्री के बाद कभी घर में घुसने नहीं दिया

मकान की रजिस्ट्री यशोदा के नाम थी लेकिन वह घर में कभी घुस नहीं पाई। मकान को मुकेश ने अपने कब्जे में ले लिया और मामी यशोदा को भगा दिया। मकान में किराएदार रख दिए। मुकेश किराए के पैसे भी खुद वसूलता था। उसमें से मामी को कुछ भी नहीं देता। वह जब भी मकान की चर्चा करती तो मुकेश उन्हें डरा-धमका देता। पिछले 10 साल से यशोदा अपने मायके राजस्थान से लेकर उज्जैन में रिश्तेदारों के घर में शरण लेकर जीवन यापन कर रही थी। मंगलवार को पुलिस ने यशोदा को मकान पर कब्जा दिलाया।

पिछले साल मुकेश का अवैध मकान तोड़ा गया था

सीएसपी ने बताया कि मुकेश भदाले का आपराधिक इतिहास है। उसके खिलाफ 40 से अधिक संगीन अपराध दर्ज हैं। पिछले साल प्रशासन ने मुकेश के खिलाफ रासुका की कार्रवाई की थी। शांतिनगर स्थित उसके अवैध मकान को भी ढहा दिया गया था। फिलहाल मुकेश उज्जैन में नहीं है। पुलिस के मुताबिक वह राजस्थान में कहीं रह रहा है।

मुकेश का भाई कमल खुद चाबी देने आया

सीएसपी ने बताया कि प्रशासन की गुंडों के खिलाफ लगातार चल रही कार्रवाई से मुकेश इतना भयभीत हो गया कि उसने अपने भाई कमल से कहा कि मामी के घर की चाबी दे आओ। मकान में किराएदार पहले ही घर छोड़ कर जा चुके थे। कमल ने खुद आकर पुलिस को मकान की चाबी सौंप दी।

काफी डरी हुई थी महिला

पुलिस के मुताबिक यशोदा को जब मकान पर कब्जे के लिए बोला गया तो वह मुकेश के खौफ से इतना डरी थी कि कब्जा नहीं चाहती थी। लेकिन पुलिस अधिकारियों ने उसे काफी भरोसा दिलाया। तब कहीं जाकर उसने मुकेश के खिलाफ एसपी को आवेदन दिया।



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