Ads से है परेशान? बिना Ads खबरों के लिए इनस्टॉल करें दैनिक भास्कर ऐप
बैतूल2 मिनट पहले
- कॉपी लिंक
बैतूल। मेढ़ा डेम बनाने के लिए पोकलेन मशीनों से खुदाई करते हुए।
- 12 किमी प्रेशर लाइन नहर से 5800 हेक्टेयर में हाेगी सिंचाई, बनने में लगेंगे तीन साल
ताप्ती नदी में पानी का बहाव कम होते ही मेढ़ा डेम का निर्माण शुरू हो गया है। स्ट्रक्चर खड़ा करने के लिए नींव बनाई जा रही है। इस बांध में 3400 करोड़ लीटर पानी स्टोर होगा, इस में से 848 करोड़ लीटर पानी बैतूल नगरपालिका, भैंसदेही नगर पंचायत और आठनेर नगर परिषद के लिए रिजर्व रहेगा। बांध का निर्माण अगस्त 2023 तक पूरा किया जाएगा। इस बांध के बनने से 4600 किसानों की 5800 हेक्टेयर जमीन सिंचित होगी, जिससे इस क्षेत्र में समृद्धि आएगी। खेताें तक पानी पहुंचाने के लिए 12 किमी प्रेशर लाइन नहर बनाई जाएगी।
मेढ़ा डेम के निर्माण के टेंडर फरवरी 2020 में हो गए थे। लेकिन बांध का निर्माण अब शुरू किया है। दरअसल ताप्ती में पानी ज्यादा होने और फिर लॉकडाउन लग जाने के कारण काम शुरू नहीं किया गया था। बाद में बारिश आ गई, इस कारण पानी कम होने पर काम शुरू करने की बात तय की थी। अब पानी कम होने पर काम शुरू किया गया है।
4600 किसानों के खेताें तक पहुंचेगा पानी
12 किलोमीटर लंबी प्रेशर पाइप लाइन बिछाई जाएगी। इस प्रेशर पाइप लाइन नहर से 4600 किसानों के खेताें तक पानी पहुंचाने की व्यवस्था बनाई जाएगी। जिससे कि वे अपनी 5 हजार 800 हेक्टेयर जमीन पर फसल की सिंचाई कर सकें।
लाॅकडाउन के कारण काम शुरू करने में देरी हुई है
मेढ़ा जलाशय का एग्रीमेंट फरवरी 2020 को हो गया था। लॉकडाउन और अन्य कारणों से काम शुरू नहीं किया गया था। ताप्ती में पानी कम होते ही ठेकेदार ने काम शुरू कर दिया है। अगस्त 2023 तक बांध निर्माण पूरा किया जाना है। इस बांध में बैतूल नगरपालिका, आठनेर और भैंसदेही के लिए पेयजल का पानी भी रिजर्व किया जाएगा। फिलहाल नींव लेवल का काम किया जा रहा है। खुदाई की जा रही है, हार्ड चट्टान आने तक खुदाई की जाएगी। इसके बाद स्ट्रक्चर खड़ा करने का काम किया जाएगा।
– एके डेहरिया, ईई, जलसंसाधन विभाग
बांध में 848 कराेड़ लीटर पानी रहेगा रिजर्व
वैसे तो मेढ़ा जलाशय की कुल पानी स्टोरेज क्षमता 3436 कराेड़ लीटर है। लेकिन इसमें 848 कराेड़ लीटर पानी पेयजल के लिए रिजर्व रखा जाएगा। इस पानी से बैतूल नगरपालिका, भैंसदेही नगर पंचायत और आठनेर नगर परिषद को पानी दिया जाएगा। जरूरत के हिसाब से इन तीनों नगरीय निकायों को पानी दिया जाएगा। इससे तीनों शहरों में पानी का संकट खत्म होगा।
268 करोड़ की लागत से होगा निर्माण
इस बांध की कुल क्षमता 34.36 एमसीएम यानी मिलियन क्यूबिक मीटर है इस बांध को 268 करोड़ की लागत से बनाया जाएगा। इस बांध के बनने से 5 हजार 800 हेक्टेयर जमीन सिंचित हाेगी। 4600 किसानों को इस पानी से फसल सिंचाई सुविधा मिलेगी।