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- Operation Was Done In Sterilization Camp 10 Months Ago, Woman Gave Birth To Third Child, Complaint In CM Helpline
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सागर3 घंटे पहले
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नसबंदी से जुड़े दस्तावेज जिसमें प्रेग्नेंसी को लेकर डॉक्टर की टीप।
जिला अस्पताल में लगाए गए शिविर में किए गए नसबंदी ऑपरेशन फेल होने का मामला सामने आया है। शिविर में नसबंदी कराने के बाद भी वह प्रेग्नेंट हो गई। महिला ने शनिवार को तीसरे बच्चे को जन्म दिया। महिला के पति का कहना है कि वे तीसरा बच्चा नहीं चाहते थे। उन्होंने इसकी शिकायत सीएम हेल्पलाइन में की है।
रजौआ निवासी ऊषा पति नीलेश पटेल की 6 साल पहले शादी हुई थी। दोनों की एक बेटी और एक बेटा पहले से हैं। दंपती तीसरा बच्चा नहीं चाहते थे। इसके लिए उन्होंने फैमिली प्लानिंग की और पिछले साल फरवरी में जिला अस्पताल में लगे शिविर में महिला ने नसबंदी करवा ली। कुछ माह बाद उन्हें प्रेग्नेंसी का पता चला।
शिकायत की, तो मांगे मूल दस्तावेज
पति नीलेश पटेल ने बताया, जब उसने सीएम हेल्पलाइन नंबर 181 पर शिकायत की, तो अधिकारियों के फोन आए। उन्होंने नसबंदी से जुड़े मूल दस्तावेज मांगे। नीलेश ने बताया, उसने दस्तावेजों की फोटो कॉपी उपलब्ध करा दी, लेकिन इसके बाद से कुछ नहीं हुआ। शिकायत बंद कराने के लिए कहा गया, जो उसने नहीं कराई। दपंती के यहां शनिवार दोपहर बेटी ने जन्म लिया है। पति नीलेश की मांग है कि सरकार अब उसे मुआवजा दे।
मोटी ट्यूब के साइड इफैक्ट
जिला महिला एवं प्रसूता अस्पताल की प्रभारी डॉ. ज्योति चौहान का कहना है कि मोटी ट्यूब में रबर बैंड स्लिप होने व तीन माह तक परहेज न करने से इस तरह की स्थिति बनती है। ये मोटी ट्यूब के साइड इफैक्ट हैं। कई मामले में नसबंदी के समय जांच में महिला प्रेग्नेंसी समझ नहीं आती, लेकिन कुछ दिन बाद प्रोसेस पूरी होेने से महिला प्रेग्नेंट हो जाती हैं। 0.1 से 0.4 प्रतिशत मामलों में ऑपरेशन फेल होने की संभावना रहती है। इसके लिए मुआवजा भी दिया जाता है।