चांदी के कण वाले रसायनों से बनी टीशर्ट: इस पर नहीं चिपकेगा कोरोना वायरस, अधिकतम 30 बार धोकर फिर पहनी जा सकती है

चांदी के कण वाले रसायनों से बनी टीशर्ट: इस पर नहीं चिपकेगा कोरोना वायरस, अधिकतम 30 बार धोकर फिर पहनी जा सकती है


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(संजय गुप्ता) इंदौरएक घंटा पहले

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द अमेरिकन एसोसिएशन आफ टैक्सटाइल केमिस्ट एंड कलरिस्ट ने लैब टेस्ट में पास कर दिया है।

  • पीथमपुर की फैक्टरी में बन रहे वायरसप्रूफ कपड़े, विदेश तक भेज रहे

कोरोना काल में कपड़ों को लेकर सतर्क रहने वाले लोगों के लिए ऐसे टी शर्ट बनकर तैयार हो रही है, जिन पर न वायरस चिपकेगा, न ठहरेगा। इन टीशर्ट को बना रही है पीथमपुर की प्रतिभा सिन्टेक्स, जो चांदी के कण वाले रसायनों से कोटेड रेडिमेड कपड़े तैयार कर रही है।

रासायनिक कोटेड होने से ये टीशर्ट एंटी माइक्रोबायोरियल होती हैं और इन पर बैक्टिरिया व वायरस असर नहीं करते। कंपनी की प्रोेसेस हाउस में फैब्रिक की प्रोसेसिंग और फिनिशिंग के दौरान यह सिल्वर आधारित एंटी माइक्रोबियल केमिकल लगाया जाता है, जिससे टीशर्ट कीटाणुरहित हो जाती है। अहम बात ये है कि करीब 30 बार धोने पर भी यह सुरक्षित बनी रहती है।

इन कपड़ों को देश-विदेश की सबसे बड़ी इंस्पेक्शन, वैरीफिके‌शन, टेस्टिंग व सर्टिफिकेशन कंपनी लैब टेस्ट में पास कर चुकी हैं। कंपनी ने अनलॉक के बाद 10 लाख टीशर्ट अलग-अलग नामी ग्रुपों को बेची है। कोरोना के दौरान इसकी मांग बढ़ी है। हालांकि इन टीशर्ट के दाम बाकी की तुलना में 5 से 10 प्रतिशत अधिक हैं।

एक्सपर्ट बोले- चांदी से मिलती है वायरस से सुरक्षा
रसायन विशेषज्ञ डॉ. नितिन सप्रे के मुताबिक, चांदी एंटी माइक्रोबायोरिल होती है इसके केमिकल को फैब्रिक में मिलाने से बैक्टिरिया, वायरस से सुरक्षा मिलती है। कास्मेटिक्स, दवा, उपकरण में इस्तेमाल होता रहा है।

मास्क के बाद टीशर्ट
^रोगाणुरोधी गुण वाले हाइड्रैब्लॉक एएम मास्क बनाए थे। अब एंटी माइक्रोबियल टीशर्ट बनाई है। कई जगह सर्टिफाइड किया है।
-मुकेश माटा, वीपी, न्यू प्रोडक्ट डेवलपमेंट प्रतिभा सिंटेक्स



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