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- CM Shivraj Said Will Make Such A Law, In Which There Will Be A Provision For Property Royalty For Those Who Harm Public Property.
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भोपाल4 घंटे पहले
बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा के निवास पर मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चाैहान ने पत्रकारों से बात की। उन्होंने कहा कि सरकार जल्दी ही पत्थरबाजों के खिलाफ कानून लाएगी।
- नीमच, उज्जैन और मंदसौर की घटना को लेकर सरकार एक्शन मोड में आई
लव जिहाद के खिलाफ कानून बनाने के बाद मध्य प्रदेश सरकार अब पत्थरबाजों पर शिकंजा कसने की तैयारी में है। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि एमपी में ऐसा कानून बनाएंगे, जिसमें सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने वालों को सख्त सजा के साथ उनकी प्राॅपर्टी राजसात करने का प्रावधान होगा।
उन्होंने कहा कि पत्थरबाजी करने वाले समाज के दुश्मन हैं। ऐसे लोगों को सख्त सजा देने के लिए कानून बनाने का निर्देश अफसरों को दे दिए हैं। जल्द ही, कानून सामने आएगा। दरअसल, नीमच, उज्जैन और मंदसौर में पिछले दिनों पत्थरबाजी की घटनाएं हुई हैं। शनिवार को मुख्यमंत्री ने मंत्रियों व अफसरों की बैठक में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए कानून बनाने के संकेत दिए थे।
मुख्यमंत्री ने रविवार को बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा की लंच पार्टी के दौरान पत्रकारों से बातचीत करते हुए कहा कि केवल पत्थरबाजी नहीं, कई बार उत्पाती सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाते हैं, आग लगा देते हैं। सार्वजनिक संपत्ति के साथ-साथ व्यक्तिगत संपत्तियों को भी नुकसान पहुंचाया जाता है। किसी की दुकान में आग लगा दी, तोड़फोड़ कर दी, यह अक्षम्य अपराध है।
उन्होंने कहा कि शांतिपूर्ण ढंग से कोई अपनी बात कहे, लोकतंत्र इसकी इजाजत देता है, लेकिन आग लगा दो, तोड़फोड़ कर दो, पत्थर चला दो, इसकी इजाजत किसी को नहीं दी जा सकती। अब सरकार ने तय किया है कि सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने वालों के खिलाफ ना केवल कार्रवाई करेंगे, बल्कि अगर सार्वजनिक संपत्ति को कोई क्षति पहुंचाता है, तो सजा के साथ-साथ नुकसान की राशि वसूली जाएगी। इसके लिए भले ही उनकी प्राॅपर्टी राजसात ही क्यों न करना पड़े।
उन्होंने कहा, मध्यप्रदेश में कानून का राज कायम रहेगा। इस तरह के अपराधी साधारण अपराधी नहीं है, इन्हीं छोड़ा नहीं जाएगा । अभी तो मामूली सी कार्रवाई होती थी, अब हम सख्त सजा का प्रावधान करने के लिए कानून बना रहे हैं।
केरल में संपत्ति को नुकसान पहुंचाने पर 5 साल की सजा
केरल में सबरीमाला मंदिर में महिलाओं को प्रवेश का मसला काफी उछला था। इसे लेकर राज्य में हिंसक विरोध प्रदर्शन हुए, जिसमें सार्वजनिक और सरकारी संपत्ति का नुकसान पहुंचा। इससे निपटने के लिए केरल सरकार ने कानून लागू किया था। इसके मुताबिक अगर कोई व्यक्ति विरोध प्रदर्शन में पब्लिक प्रॉपर्टी का नुकसान पहुंचाने का दोषी पाया जाता है, तो उसे 5 साल की सजा हो सकती है। इसमें जुर्माने का भी प्रावधान है।
एक्ट के मुताबिक अगर हिंसक विरोध प्रदर्शन में विस्फोटक का इस्तेमाल हुआ हो या आगजनी हुई हो, तो दोषी को 10 साल तक की सजा हो सकती है। ऐसे मामलों में दोषी को तब तक जमानत नहीं मिलने का प्रावधान है, जब तक कि वो नुकसान हुई संपत्ति का 100 % भरपाई नहीं कर देता। वहीं, केंद्रीय कानून में ये प्रावधान है कि जमानत के लिए कम से कम नुकसान हुई संपत्ति का 50% की भरपाई करनी होगी।
36 साल से लागू है कानून
सार्वजनिक संपत्ति नुकसान निवारण कानून 1984 के मुताबिक, अगर कोई व्यक्ति सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाता है, तो उसे पांच साल तक की सजा या जुर्माने या फिर दोनों हो सकते हैं। सार्वजनिक संपत्ति के रूप में ऐसे भवन या संपत्ति को माना गया है, जिसका उपयोग जल, प्रकाश, शक्ति या ऊर्जा उत्पादन या वितरण में किया जाता है। इसके साथ ही कोई तेल प्रतिष्ठान, सीवेरज, खान या कारखाना या फिर लोक परिवहन या दूरसंचार साधन भी सार्वजनिक संपत्ति में आते हैं। वहीं, अग्नि अथवा किसी विस्फोटक पदार्थ से सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने वाले को 10 साल की सजा और जुर्माने से दंडित करने का प्रावधान है।
नुकसान की जिम्मेदारी आरोपी की
2007 में सुप्रीम कोर्ट ने सरकारी और सार्वजनिक संपत्ति के बढ़ते नुकसान की घटनाओं को देखते हुए स्वतः संज्ञान लिया था। इस कानून को और प्रभावी बनाने के लिए दो उच्च स्तरीय समितियां बनाई। वर्ष 2009 में इन समितियों की सलाह पर सुप्रीम कोर्ट ने सरकारी और सार्वजनिक संपत्ति की सुरक्षा के लिए दिशा-निर्देश जारी किए थे। इसमें कहा गया कि सरकारी और सार्वजनिक संपत्ति का नुकसान होने पर पूरी जिम्मेदारी आरोपी पर होगी।
क्या है सुप्रीम कोर्ट की गाइडलाइन
- सार्वजनिक संपत्ति के नुकसान होने की स्थिति में जिम्मेदारी नुकसान करने वाले आरोपी की होगी।
- आरोपी को खुद को निर्दोष साबित करना होता है। निर्दोष साबित होने तक कोर्ट उसे जिम्मेदार मानकर चलेगी।
- नरीमन समिति ने कहा था कि ऐसे मामलों में दंगाइयों से सार्वजनिक संपत्ति के नुकसान की वसूली की जाए।