बादलों की ओट में सूरज की लुकाछुपी: जबलपुर में छठे दिन धूप-छांव का दौर, अधिकतम पारा 30 के ऊपर तो, न्यूनतम भी औसत से चार डिग्री अधिक

बादलों की ओट में सूरज की लुकाछुपी: जबलपुर में छठे दिन धूप-छांव का दौर, अधिकतम पारा 30 के ऊपर तो, न्यूनतम भी औसत से चार डिग्री अधिक


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जबलपुर25 मिनट पहले

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जबलपुर में इस तरह दिखा मौसम

  • तीन साल पहले 31 जनवरी को पहुंचा था 30 से अधिक पारा
  • पहली बार माह के शुरुआत में ऐसा हुआ

पश्चिमी विक्षोभ के असर से पिछले छह दिनों से जिले में आसमान में बादलों की आवाजाही जारी है। सोमवार को बादलों की ओट में सूरज छिप रहा है और निकल रहा है। इसके चलते सुबह से ही धूप-छांव का दौर जारी है। बादलों की वजह से मौसम फरवरी जैसा अहसास देने लगा है। ठंड में पारा 30 से ऊपर पहुंच गया। जबकि ऐसा तीन साल पहले 31 जनवरी को हुआ था। जनवरी के पहले सप्ताह में पारा पहली बार 30 से अधिक पहुंचा है। न्यूनतम पारा भी सामान्य से चार डिग्री अधिक बना हुआ है।

जनवरी में ये रहा रिकार्ड
31 जनवरी 2017 31.5 डिग्री सेल्सियस
25 जनवरी 2018 28.8 डिग्री सेल्सियस
25 जनवरी 2019 28.0 डिग्री सेल्सियस
25 जनवरी 2020 26.8 डिग्री सेल्सियस
03 जनवरी 2021 30.2 डिग्री सेल्सियस

दक्षिणी हवा के चलते मौसम में आया उछाल
जानकारी के अनुसार दक्षिणी हवा दो दिनों से दो किमी की रफ्तार से चल रही है। इसकी वजह से तापमान में उछाल आया। रविवार की रात न्यूनतम तापमान 14.1 डिग्री सेल्सियस अधिक दर्ज हुआ। हालांकि ये शनिवार रात की तुलना में 0.1 डिग्री सेल्सियस कम है पर अधिकतम तापमान में 1.3 डिग्री सेल्सियस का उछाल दिखा।

इसकी वजह से पारा 30.2 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। मौसम विभाग के मुताबिक पारा आज 30 से नीचे आ सकता है। इसकी वजह आसमान में छाए बादल हैं। धूप-छांव की वजह से तापमान में अधिक बढ़ोत्तरी नहीं होगी। सुबह साढ़े आठ बजे तापमान 18 डिग्री सेल्सियस से ऊपर रिकार्ड हुआ। इसी वजह से ठंड गायब सी हो गई है।

आंकड़ों से समझें
वर्ष अधिकतम तापमान न्यूनतम तापमान
2020 21.9 डिग्री सेल्सियस 15.4 डिग्री सेल्सियस
2021 30.2 डिग्री सेल्सियस 14.1 डिग्री सेल्सियस

कम दबाव का क्षेत्र बना हुआ है
मौसम विभाग में सहायक मौसम वैज्ञानिक देवेंद्र तिवारी के मुताबिक वर्तमान में पश्चिमी विक्षोभ अफगानिस्तान-मध्य पाकिस्तान के ऊपर समुद्र तल से 3.1 किमी और 7.6 किमी की ऊंचाई के मध्य एक चक्रवातीय परिसंचरण के रूप में सक्रिय है। इसके प्रभाव में दक्षिण-पश्चिमी राजस्थान के ऊपर एक प्रेरित चक्रवातीय परिसंचरण समुद्र तल से 2.1 किमी की ऊंचाई तक सक्रिय है।

पूर्वी बांग्लादेश के आसपास भी एक कम दबाव का क्षेत्र है। उत्तरी पंजाब से पूर्वोत्तर अरब सागर तक एक ट्रफ लाइन गुजर रही है। इससे शहर का मौसम प्रभावित है। रविवार से दक्षिणी हवा दो किमी प्रति घंटा की रफ्तार से चल रही है। यही कारण है कि नए साल में गोता लगाने वाला पारा उछाल पर है।



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