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राजकुमार प्रजापति | सागर21 घंटे पहले
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हथनी चंदा और हाथी वनराज (फाइल फोटो)।
- अगस्त में हाथी वनराज की बीमारी के कारण मौत होने से टूट गई थी जोड़ी
क्षेत्रफल के हिसाब से प्रदेश की सबसे बड़ी सेंचुरी नाैरादेही में जल्द ही बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व से एक हाथी आने वाला है। बाघ किशन और बाघिन राधा की तरह अब हथनी चंदा को नया साथी मिलने जा रहा है। दरअसल, अगस्त 2020 में यहां बाघ-बाघिन की निगरानी के लिए लाए गए हाथी वनराज की बीमारी के कारण मौत हो गई थी। जिससे चंदा अकेली हो गई थी। अब हाथी-हथनी की जोड़ी फिर से बनने जा रही है। इसी महीने में हाथी आने की उम्मीद है।
नाैरादेही अभयारण्य में 2018 में पहले बाघ और बाघिन को लाया गया था। उसी समय इन दोनों की सुरक्षा के लिए धवगढ़ से हाथी वनराज और फिर पन्ना से हथनी चंदा लाई गई थी। हाथी व हथनी की जाेड़ी नाैरादेही की शान थी। 2 अगस्त की रात हाथी की मौत हो गई। यहां बाघों का कुनबा बढ़ने के बाद उनकी निगरानी के लिए हाथी की आवश्यकता है।
पीएम रिपोर्ट में खुलासा: हाथी को सांस लेने में दिक्कत आने से हुई थी मौत
नौरादेही के हाथी वनराज की मौत से वन विभाग के जिम्मेदार अधिकारियों की लापरवाही सामने आई थी। हाथी की देखरेख और उसकी खुराक में कमी थी। हालांकि हाथी की पोस्ट मार्टम रिपोर्ट आ गई है। डीएफओ राखी नंदा ने बताया कि रिपोर्ट में हाथी की मौत रेस्पिरेटरी फेलियर के कारण होना बताया है। उसे सांस लेने में दिक्कत आ रही थी। सामान्यत: फेंफड़ों में संक्रमण की वजह से ऐसा होता है।