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इंदौर12 मिनट पहले
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सुबह प्रभातफेरी में भक्तों की भीड़ रही।
शहर के प्रसिद्ध रणजीत हनुमानजी की अष्टमी पर अलसुबह कंपकंपाती ठंड में प्रभातफेरी निकाली गई, जिसमें बड़ी संख्या में भक्त शामिल हुए। बुधवार सुबह भगवान के भजनों से शहर का पश्चिम क्षेत्र स्थित गूंजता रहा। रणजीत हनुमान मंदिर पर आस्था का उल्लास नजर आया। प्रभातफेरी में शामिल होने हजारों भक्त मन्दिर पहुंचे। यात्रा को कोरोना प्रोटोकाल के कारण प्रतीकात्मक निकाला गया, लेकिन भक्तों का जोश उतना ही था। लाल लंगोटो हाथ में सोटो … और ये भगवा रंग… जैसे भजनों की गूंज आज सुबह से पश्चिम क्षेत्र में हुई। बाबा रणजीत की प्रभातफेरी अलसुबह 5 बजे मंदिर परिसर में ही निकाली गई। बड़ी तादाद में मंदिर के समीप बने मैदान में भक्त पहुंचे। यात्रा जरूर प्रतीकात्मक निकालने का निर्णय मंदिर और जिला प्रशासन ने लिया था, लेकिन यात्रा में भक्तों की संख्या कम नहीं रही।
सुबह 5 बजे ही बड़ी संख्या में भक्त पहुंचे, जिसके बाद लगातार दर्शन के लिए दर्शनार्थी आते रहे। मंदिर के मैदान में कल रात ही बेरिकेडिंग कर दी गई थी। लोगों को बेरिकेडस के अंदर प्रवेश नहीं दिया गया। बेरिकेडस के बाहर की ओर भक्त खड़े थे और अंदर बाबा के स्वर्ण रथ ने चक्कर लगाए। आज सुबह कोहरा भी था। कोहरे के बीच स्वर्ण रथ में जब बाबा रणजीत विराजे तो हर कोई इसे देखने को व्याकुल था। यात्रा में कोई भजन मंडली शामिल नहीं हुई, केवल बैंड और भक्तों द्वारा लगाए जा रहे जय रणजीत के जयकारे की गूंज थी।
इससे पहले कल देर रात तक दीपोत्सव के लिए भक्तों की मंदिर में भीड़ रही। दर्शनार्थियों की कतार देर रात तक लगी हुई थी। मंदिर में विशेष सज्जा की गई थी, जिसके बाद देर रात पंचामृत और फलों के रस से अभिषेक किया गया। विशेष शृंगार रात में ही किया गया और छप्पन भोग लगाया गया। सुबह सवा छह बजे महाआरती की गई। हर वर्ष की तरह सैकड़ों मंच तो नहीं लगे थे लेकिन यात्रा में लोग जरुर बड़ी तादाद में पहुंचे। रात 12 बजे तक बाबा की प्रभातफेरी की तैयारियों को अंतिम रूप दिया गया था। प्रभात फेरी के बाद 35000 अभिमंत्रित रक्षा सूत्र का वितरण शुरू हुआ। मुख्य पुजारी ने बताया कि यह सालों पुरानी परम्परा है और हर साल यहां निकलने वाली प्रभातफेरी में हजारों की संख्या में लोग उमड़ते है।