MDMA ड्रग्स के तस्करों की चेन लंबी है. (सांकेतिक तस्वीर)
टेंट व्यवसायी दिनेश अग्रवाल का मंदसौर में रहने वाला भतीजा चिमन इंदौर और आसपास के इलाकों में ड्रग्स सप्लाइ करता था. चिमन ड्रग्स लाने के मामले में जबरदस्त शातिर है.
आईजी हरिनारायणचारी मिश्र ने मीडिया को बताया कि टेंट व्यवसायी दिनेश अग्रवाल का मंदसौर में रहने वाला भतीजा चिमन इंदौर और आसपास के इलाकों में ड्रग्स सप्लाइ करता था. चिमन ड्रग्स लाने के मामले में जबरदस्त शातिर है. वह ट्रांसपोर्टिंग के अलग-अलग तरीके अपनाकर देश के दूसरी जगहों से ड्रग इंदौर लाता था. कभी ट्रकों के अंदर मुर्गी दाना की कोडिंग कर ड्रग्स लाता, तो कभी पीथमपुर की फार्मा कंपनियों में सप्लाई किए जाने वाले पाउडर बताकर ड्रग्स लाता था. वहीं, टेंट व्यवसायी दिनेश अग्रवाल के बारे में बताया जा रहा है कि वह हैदराबाद के वेदप्रकाश व्यास से ड्रग्स खरीदता था. वेद प्रकाश की तेलंगाना में मेडिसिन लैब है, जिसमें दवाइयां बनाई जाती हैं. पुलिस इस बात की जांच करने के लिए हैदराबाद भी जाएगी.
कोरोना में भी आई ड्रग्स
आईजी हरिनारायणचारी मिश्र ने बताया कि ड्रग्स की खेप हमेशा चिमन के पास रहती. वह दो गाड़ियों का इस्तेमाल करता था. एक गाड़ी में ड्रग्स रहता था, दूसरी गाड़ी से वह आगे-पीछे चलता था. चिमन तब तक खेप के साथ रहता था जब तक उसकी सप्लाइ न हो जाए. पुलिस के मुताबिक आरोपी वेद प्रकाश व्यास के ड्राइवर ने पूछताछ में बताया है कि यह गिरोह दो साल में अब तक 100 करोड़ से ज्यादा की ड्रग्स इंदौर में सप्लाइ कर चुका है. यहां तक कि कोरोना काल में भी आरोपी नशे की खेप लेकर आते थे.देशभर में है तस्करों का नेटवर्क
पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक, पकड़ाए आरोपी वेद प्रकाश व्यास के देशभर के ड्रग्स तस्करों से संबंध हैं. मध्य प्रदेश के भी कई जिलों में वह माल सप्लाइ करने आता था. आईजी मिश्र के अनुसार आरोपियों से उनके इंदौर के अन्य कनेक्शनों के बारे में भी पूछताछ की जा रही है.