नसीहत: किसी अधिकारी-कर्मचारी को व्यापार करना हो तो दूसरा जिला देख ले, यहां सिर्फ काम होंगे : कलेक्टर

नसीहत: किसी अधिकारी-कर्मचारी को व्यापार करना हो तो दूसरा जिला देख ले, यहां सिर्फ काम होंगे : कलेक्टर


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इंदौर16 घंटे पहले

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एसडीएम से लेकर राजस्व निरीक्षक, भू-अभिलेख अधिकारी भी रहे कलेक्टर के निशाने पर

  • राजस्व अधिकारियों की बैठक में दी चेतावनी, रीडर को भी कार्यशैली सुधारने का कहा

किसी अधिकारी-कर्मचारी को व्यापार आदि करना हो तो दूसरा जिला देख ले। यहां सिर्फ आमजन के और नियमानुसार सरकारी काम ही होंगे। भूल से गलती की तो बचा लेंगे, लेकिन मंशा खराब हुई तो सख्त कार्रवाई की जाएगी।

यह चेतावनी कलेक्टर मनीष सिंह ने शुक्रवार को एक होटल में हुई सभी राजस्व अधिकारियों की बैठक में दी। कलेक्टर ने एक एसडीएम का उदाहरण देकर कहा कि वह फैसले नहीं लेते। उनके इस व्यवहार से मैं दुखी हूं। फैसले तो लेना ही चाहिए। बैठक में कलेक्टर ने एक राजस्व निरीक्षक को नसीहत दी कि वह कलेक्टोरेट के बाहर के व्यक्ति राजेश जैन का पिछलग्गू बनना छोड़ दें।

मेरे पास सब खबर है कि जमीन के मामले में कौन व्यक्ति कहां पर क्या कर रहा है। क्या तुम्हें बिना रुपए सब्जी-रोटी अच्छी नहीं लगती। चुपचाप सरकारी काम करो। उसी से वेतन ले रहे हो। कलेक्टर ने सीएम हेल्पलाइन के प्रभारी अधिकारी पर भी नाराजगी जताते हुए कहा- आपके कारण सीएम समीक्षा के दौरान दो शिकायतों पर मुझे जवाब देना पड़ा।

वेतन ले रहे हो तो काम क्यों नहीं करते। बेवजह क्यों तनख्वाह ले रहे हो। भूअभिलेख के एक अधिकारी से कहा- सारे व्यापार, धंधे बंद कर सरकार के काम पर ध्यान दो और डायवर्शन टैक्स की वसूली करो। यह अंतिम मौका दे रहा हूं काम के लिए। कलेक्टर ने बैठक में सभी से टीएसएम मशीन से सीमांकन करने की जानकारी होने के बारे में पूछा। फिर रीडर से पूछा कि लॉगइन करना किसे आता है। इस पर कुछ रीडर जवाब नहीं दे सके। कलेक्टर ने उन्हें कार्यशैली सुधारने की चेतावनी दी।

डायवर्शन की बकाया वसूली के लिए चलेगा अभियान, अब तक 10 करोड़ ही वसूले
जिले में डायवर्शन की बकाया राशि की वसूली के लिए अभियान चलाया जाएगा। कुल 55 करोड़ की मांग है और अभी तक केवल 10 करोड़ ही वसूले गए। कलेक्टर ने सबसे पहले बड़े बकायादारों से राशि वसूलने के निर्देश दिए। ऐसे उपयोगकर्ता, जो वास्तविक भूमि उपयोग के अलावा अन्य किसी प्रयोजन में भूमि का व्यावसायिक उपयोग कर रहे हैं, उनसे भी फिर विश्लेषण कर राशि ली जाएगी।

82 फीसदी से ज्यादा हुआ राजस्व मामलों का निराकरण
बैठक में सभी अधिकारियों के तेज काम करने की भी तारीफ करते हुए कलेक्टर ने कहा- दो माह में राजस्व मामलों का निराकरण 46 फीसदी से बढ़कर 82 फीसदी से ज्यादा हो गया। काम करो, जो भी समस्या आए, मुझे बताई जाए।



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