छोटे फॉर्मेट की लोकप्रियता के बीच अगर किसी टेस्ट मैच में पांचवें दिन के आखिर तक रिजल्ट का अनुमान लगाना मुश्किल हो तो यह अपने आप में रोमांच पैदा करता है. मुकाबला ड्रॉ होने के बाद अब भारत और ऑस्ट्रेलिया (Australia 2020) 1-1 की बराबरी पर हैं. अब सीरीज का सिकंदर ब्रिस्बेन में मिलेगा.
सिडनी टेस्ट मैच में भले ही परिणाम ना निकला हो लेकिन भारतीय क्रिकेटप्रेमियों के लिए यह किसी जीत से कम नहीं है. अंत तक रोमांच बना रहा और ऑस्ट्रेलियाई गेंदबाज तमाम हथकंडे अपनाने के बावजूद विकेट नहीं निकाल सके.
भारत के लिए सिडनी टेस्ट इसलिए भी महत्वपूर्ण है कि उसने 94 रन से पिछड़ने के बावजूद ना सिर्फ मैच ड्रॉ कराया, बल्कि एक समय तो वह जीत की संभावना जगा रहा था. भारत ने दूसरी पारी में तब दमदार खेल दिखाया, जब वह अपने शीर्ष 3 विकेट जल्दी गंवा चुका था.
हनुमा विहारी (Hanuma vihari) की इस मैच से पहले तक आलोचना हो रही थी और वो दबाव में थे. लेकिन उन्होंने इस मैच में दिखाया कि वो टेस्ट मैच के बेहतरीन बल्लेबाज हैं और भारतीय टीम उन पर भरोसा कर सकती है. चेतेश्वर पुजारा (Cheteshwar Pujara) ने दोनों पारियों में जबरस्त बैटिंग की.
ऋषभ पंत (Rishabh Pant) ने 97 रन बनाकर भारत की हार टालने में अहम भूमिका निभाई. उन्होंने इसके साथ ही फिलहाल अपने आलोचकों को चुप करा दिया है. हालांकि, उन्होंने अपना विकेट कमजोर शॉट खेलकर गंवाया. उनकी विकेटकीपिंग की कमियां भी बदस्तूर जारी हैं. ऐसे में पंत पर अपना खेल सुधारने का दबाव बना रहने वाला है.
वैसे इस मैच में सिर्फ मैदान पर रोमांच नहीं दिखा. मैदान के बाहर भी ऐसी घटनाएं हुईं, जो सीरीज में विवाद से लेकर रोमांच तक जगाती रहीं. ऐसा लगा जैसे मैदान के बाहर भी मैच चल रहा हो. भारत के ऋषभ पंत और रवींद्र जडेजा का चोटिल होना, मैदान पर दर्शकों की ओर नस्लीय टिप्पणी करना और ऐसा करने वालों को स्टेडियम से बाहर कर देना लगातार चर्चा में रहा. इसके अलावा कोविड के प्रतिबंधों के कारण भारतीय टीम का ब्रिस्बेन नहीं जाने की धमकी देना और फिर वहां जाने का ऐलान करना सीरीज का रोमांच बढ़ाता रहा.