मुरैना में एक और शराब कांड सामन आया है. (प्रतीकात्मक तस्वीर).
मुरैना शराब कांड की जांच के लिए बनी एसआईटी ने अपनी रिपोर्ट रविवार को शासन को सौंप दी. इसमें एसआईटी ने आबकारी नीति में बदलाव करने और अधिनियम को ज्यादा सख्त करने की सिफारिश की है.
- News18Hindi
- Last Updated:
January 18, 2021, 6:52 AM IST
शराब पीने वालों में से एक धर्मेंद्र जाटव ने पुलिस को बताया कि उन्होंने छिछावली गांव के माताप्रसाद और बलवीर के साथ बड़ोखर के सरकारी ठेके से मसाले वाली लाल शराब खरीदी थी. तीनों जब घर पहुंचे तो उन्हें उल्टियां होने लगीं. आंखों की रोशनी कम हो गई. परिजन इन्हें जिला अस्पताल ले गए, जहां डॉक्टरों ने माताप्रसाद को मृत घोषित कर दिया. जबकि बलवीर और धर्मेंद्र की हालत गंभीर होने पर उन्हें ग्वालियर रेफर कर दिया.
पीएम रिपोर्ट में जहरीली शराब से मृत्यु के लक्षण नहीं
इससे पहले शनिवार को ही सत्यनायण की भी जिला अस्पताल में मौत हुई थी. डॉक्टरों के मुताबिक उनके पेट में दर्द हुआ था. मुरैना एसपी सुनील कुमार पांडे के मुताबिक शराब पीने से एक की मौत हुई है, दो गंभीर हैं. दूसरी मौत के कारण की पुष्टि होना बाकी है. मृतकों की शवों की शॉर्ट पीएम रिपोर्ट में जहरीली शराब से मृत्यु के लक्षण नहीं मिले हैं.मुख्य अभियुक्त मुकेश गिरफ्तार
रैना के छैरा-मानपुर में हुए शराबकांड का मुख्य अभियुक्त मुकेश किरार को रविवार दोपहर चेन्नई से गिरफ्तार कर लिया गया. 24 लोगों की जान लेने वाली जहरीली शराब मुकेश की फैक्ट्री में बनी थी. प्रशासन ने रविवार को ही उसके छैरा गांव के 2 मकानों को ध्वस्त कर दिया. इस मामले में नामजद 7 आरोपियों के खिलाफ यह पहली कार्रवाई है. फिलहाल मुकेश को मुरैना लाया जा रहा है.
SIT ने सरकार को सौंपी रिपोर्ट – ये की सिफारिश
मुरैना शराब कांड की जांच के लिए बनी एसआईटी ने अपनी रिपोर्ट रविवार को शासन को सौंप दी. इसमें एसआईटी ने आबकारी नीति में बदलाव करने और अधिनियम को ज्यादा सख्त करने की सिफारिश की है. इसमें कहा गया है कि हर साल आबकारी नीति जनवरी-फरवरी में आती है. इस बार 2021-22 के लिए नीति आनी है. इसलिए हर जिले में एक या दो लोगों को ही पूरा काम दिया जाए. तीन से चार दुकानों का एक समूह बनाकर शराब ठेके बांटे जाएं. सूत्रों का कहना है कि सोमवार को सरकार इस पर चर्चा कर सकती है.