IND VS AUS: मोहम्मद सिराज को आई पिता की याद (साभार-एपी)
मोहम्मद सिराज (Mohammed Siraj) ने ब्रिसबेन टेस्ट की दूसरी पारी में पांच विकेट लेने का कारनामा किया, दौरे से पहले उनके पिता का निधन हो गया था.
सिराज ने वर्चुअल प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया, ‘जब ऑस्ट्रेलियाई बॉलर गेंदबाजी करेंगे तो निश्चित तौर पर पिच में कुछ दरार होने के कारण बल्लेबाजों की दिमाग में थोड़ा भ्रम की स्थिति बनी रहेगी लेकिन हमारे बल्लेबाज इसके लिये तैयार हैं. हम इसके बारे में पांचवें दिन ही जान पाएंगे.’
सीरीज जीतना है टीम इंडिया का लक्ष्य-सिराज
सिराज ने कहा, ‘हमारा लक्ष्य यह श्रृंखला जीतना है खासकर इतने सारे खिलाड़ियों के चोटिल होने के बावजूद हमारी टीम ने पहली पारी में कड़ी चुनौती पेश की.’ सिराज ने शॉर्ट पिच गेंद पर स्टीव स्मिथ का विकेट लिया जो मार्नस लाबुशेन के साथ इस श्रृंखला में उनका पसंदीदा विकेट है. उन्होंने कहा, ‘पूरी श्रृंखला में मुझे लगता है कि यह स्टीव स्मिथ का विकेट होगा. कुछ क्षेत्रों से अतिरिक्त उछाल मिल रही थी और मुझे लगा कि इससे मुझे सफलता मिल सकती है. स्मिथ विश्व के सर्वश्रेष्ठ बल्लेबाजों में से एक हैं और उनका विकेट लेने से मेरा काफी आत्मविश्वास बढ़ा है. इसके अलावा मार्नस (लाबुशेन) के विकेट से भी मेरा मनोबल बढ़ा.’सिराज ने लगातार सहयोग, समर्थन और मनोबल बढ़ाने के लिये कप्तान अजिंक्य रहाणे का आभार व्यक्त किया. उन्होंने कहा, ‘इसके अलावा जिस तरह से युवाओं को मौके मिले फिर चाहे वह नटराजन हो या वॉशिंगटन. इन सभी ने इनका फायदा उठाया. सभी ने अपनी तरफ से अच्छा प्रदर्शन किया. मैं विशेष तौर पर युवाओं पर भरोसा दिखाने और मेरा मनोबल बढ़ाने के लिये अजिंक्य रहाणे का आभार व्यक्त करता हूं. वह मुझसे हर समय बात करते रहे और इससे मेरा आत्मविश्वास बढ़ा.’
पिता को याद कर भावुक हुए सिराज
सिराज के लिये पिछले दो महीने मुश्किल भरे भी रहे. उनके पिताजी का निधन हो गया और वह उनके अंतिम संस्कार में भी नहीं जा पाये लेकिन उनकी कड़ी मेहनत आखिर में रंग लायी. उन्होंने कहा, ‘मेरे अब्बू चाहते थे कि मेरा बेटा देश की तरफ से खेले और पूरा विश्व उसे खेलते हुए देखे. काश वह आज का दिन देखने के लिये जीवित होते. यह उनकी दुआओं का ही परिणाम है कि मैंने पांच विकेट लिये. मैं निशब्द हूं और अपनी भावनाओं को शब्दों में व्यक्त नहीं कर सकता हूं.’ उन्होंने कहा, ‘यह मुश्किल स्थिति थी. अब्बू के निधन के बाद मां से बात करने पर मुझे ताकत मिली और मैंने अपना ध्यान अब्बू का सपना पूरा करने पर लगा दिया.’