इलेक्ट्रिक व्हीकल मुख्यत: तीन मुख्य कटेगोरिज में आते हैं-
>> बैटरी इलेक्ट्रिक व्हीकल
>> प्लग-इन हाइब्रिड व्हीकल
>> ईंधन सेल व्हीकल
पेट्रोल और डीजल व्हीकल
पेट्रोल और डीजल के वाहन में लगभग 70 फीसदी कीमती फ्यूल बर्बाद हो जाता है. इसको आप न तो रिसाइकिल कर सकते हैं और न ही इसका फिर से इस्तेमाल किया जा सकता है. वहीं, इलेक्ट्रिक वाहनों को आप अपनी सुविधा के हिसाब से चार्ज कर सकते हैं. इसके साथ ही इसकी बैटरी को भी कंपनी लोगों की जरूरत के हिसाब से बना सकती है.
भारत में इलेक्ट्रिक वेहिकल का भविष्य
नेशनल इलेक्ट्रिक मोबिलिटी मिशन प्लान (NEMMP) 2020 को कांग्रेस के नेतृत्व वाली सरकार के द्वारा 2013 में शुरू किया गया था. नितिन गडकरी केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री ने अपने भाषण में कहा कि इलेक्ट्रिक व्हीकल और जैव ईंधन के लिए बड़े स्तर पर स्वीकृति प्रदान करने का यह एक अच्छा मौका है. सरकारी स्तर पर इस तरह की सहायता मिलने की वजह से इलेक्ट्रिकल व्हीकल इंडस्ट्री की उम्मीद काफी बढ़ गई है. गडकरी ने यह भी कहा कि भारत में 2025 तक ईवी मैन्युफैक्चरिंग हब बनने पर भी काम कर रहा है.
भारतीय ऑटो इंडस्ट्री के शुरुआती संकेतों को और अधिक अनदेखा नहीं कर सकता है. कार निर्माता कंपनियों में से, महिंद्रा पहले से ही हैचबैक, सेडान, हल्के कमर्शियल वैन और एसयूवी में डील कर रहा है. मारुति सुजुकी ने टोयोटा के साथ छोटी इलेक्ट्रिक कारों का उत्पादन करने के लिए ज्वाइंट वैंचर किया है. हुंडई सभी इलेक्ट्रिक पेसेंजर्स कारों का विकास कर रही है. रेनॉल्ट इलेक्ट्रिक में अपनी लोकप्रिय हैचबैक ला रहा है.
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इसके अलावा अगर होंडा की बात करें तो 2030 तक ईवीएस को अपनी कार बिक्री का 65 फीसदी होने की उम्मीद है. साथ ही भारत में लिथियम आयन बैटरी निर्माण सुविधा स्थापित करने की भी योजना बना रहा है. निसान 2018 में अपनी इलेक्ट्रिक हैचबैक लॉन्च करेगी मर्सिडीज-बेंज 2020 तक अपनी ग्लोबल लाइन से इलेक्ट्रिक कारों को लाएगा. वोक्सवैगन, वोल्वो और ऑडी ने इलेक्ट्रिक वेरिएंट की घोषणा की है.