घड़ियाल के अण्डों को हैचरी की रेत में 30 से 36 डिग्री तापमान पर रखा जाता है. (सांकेतिक फोटो)
वाइल्ड लाइफ ट्रस्ट ऑफ इंडिया (Wildlife Trust Of India) की रिपोर्ट के मुताबिक, सबसे अधिक 1,859 घड़ियाल चम्बल अभ्यारण्य में हैं.
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January 27, 2021, 7:21 AM IST
वहीं, वाइल्ड लाइफ ट्रस्ट ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक, सबसे अधिक 1,859 घड़ियाल चम्बल अभ्यारण्य में हैं. चार दशक पहले घड़ियालों की संख्या खत्म होने के कगार पर थी. तब दुनिया भर में केवल 200 घड़ियाल ही बचे थे. इनमें से भारत में 96 और चम्बल नदी में 46 घड़ियाल थे. उन्होंने बताया, ‘‘प्रदेश में मुरैना जिले के देवरी में घड़ियाल प्रजनन केन्द्र की स्थापना की गई है. यहां घड़ियाल के अण्डों की सुरक्षित तरीके से हैंचिंग की जाती है. घड़ियाल के अण्डों को हैचरी की रेत में 30 से 36 डिग्री तापमान पर रखा जाता है. इस दौरान अण्डों से कॉलिंग आती है और अण्डों से बच्चे निकलना शुरू हो जाते हैं. बड़े होने पर इन्हें उचित रहवास जल क्षेत्र में प्राकृतिक रूप से छोड़ दिया जाता है.’’
पीछे छोड़कर ’तेंदुआ स्टेट’ का दर्जा हासिल किया है
उन्होंने बताया कि देश में सबसे अधिक बाघ मध्यप्रदेश में हैं. पिछले साल बाघों की संख्या 526 होने के साथ प्रदेश को एक बार पुन: टाइगर स्टेट का दर्जा मिला है. अधिकारी ने बताया कि आधिकारिक गणना के अनुसार देशभर में तेंदुओं की संख्या 12, 852 और मध्यप्रदेश में 3, 421 संख्या थी. इस प्रकार देश में उपलब्ध तेंदुओं की संख्या में से 25 प्रतिशत अकेले मध्यप्रदेश में पाए गए हैं. और इसी के साथ मध्यप्रदेश ने देश में अन्य राज्यों को पीछे छोड़कर ’तेंदुआ स्टेट’ का दर्जा हासिल किया है.