भोपाल में ट्रैफिक नियम तोड़ने वालों ने अजीबो-गरीब बहाने बनाए.
मध्यप्रदेश में इन दिनों 32वां सड़क सुरक्षा महीना मनाया जा रहा है. शनिवार को सीनियर IPS और मध्य प्रदेश पुलिस शोध संस्थान के चीफ ADG डीसी सागर ने खुद सड़क पर मोर्चा संभाला और लोगों को समझाइश दी.
- Last Updated:
January 30, 2021, 12:05 PM IST
मध्यप्रदेश में इन दिनों 32वां सड़क सुरक्षा महीना मनाया जा रहा है. शनिवार को सीनियर IPS और मध्य प्रदेश पुलिस शोध संस्थान के चीफ ADG डीसी सागर ने खुद सड़क पर मोर्चा संभाला और लोगों को समझाइश दी, उन्हें ट्रैफिक नियमों का पाठ पढ़ाया. इस दौरान जब उन्होंने लोगों को बिना हेलमेट के देखा तो समझाइश दी. इस समझाइश के दौरान कई तरह के बहाने सामने आए. हालांकि इस दौरान सभी को समझाइश देकर छोड़ दिया गया. किसी के खिलाफ कोई चालानी कार्रवाई नहीं की गई. गौरतलब है कि ये 32वां सड़क सुरक्षा महीना है. यह 17 फरवरी तक चलेगा. इस दौरान लोगों के लिए तरह-तरह के जागरूकता अभियान चलाए जाएंगे.
ये है 10 साल में स्थिति
राजधानी भोपाल में गाड़ी चलानेवालों में कुछ खास सुधार नहीं आया है. जबकि यहां हेलमेट को लेकर 10 साल से मुहिम चलाई जा रही है. जागरूकता अभियान के बावजूद भी – हम नहीं सुधरेंगे- की थीम पर लोग मनमानी कर रहे हैं. कई बार पुलिसवाले समझाते हैं, तो कई बार कड़ाई करते हैं. कई बार चालानों पर बहस होती है, लेकिन लोगों पर कुछ खास असर नहीं होता.17 जनवरी को दिया था फनी पनिशमेंट
17 जनवरी को लोगों को फनी पनिशमेंट दिया था. ट्रैफिक पुलिस ने हेलमेट न पहनने वाले सभी लोगों को रोककर उन्हें एक टेंट में बिठाया. यहां पहले से टेबल, कुर्सी, कागज-कलम की व्यवस्था की गई थी. वाहन चालकों को यहां बिठाकर उनसे निबंध लिखवाया गया. विषय था आप हेलमेट क्यों नही पहनते हैं? युवाओं ने निबंध में लिखा कि पुलिस लड़कियों को नहीं पकड़ती है, इसलिए हम भी हेलमेट नहीं पहनते हैं. वहीं ज्यादातर लोगों ने माना कि उनकी जान हेलमेट से बच सकती है मगर जल्दबाजी के चक्कर में वो हेलमेट नहीं पहनते हैं.