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गुवाहाटीकुछ ही क्षण पहले
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- भाजपा AJP और UPPL के साथ मिलकर लड़ेगी
- कांग्रेस ने 4 दलों के साथ बनाया है महागठबंधन
डॉयचे वेले से. असम में इस साल अप्रैल-मई में विधानसभा चुनाव होने हैं। इस बार राज्य में भाजपा-कांग्रेस के बीच सीधा मुकाबला न होकर त्रिकोणीय हो सकता है, क्योंकि, राज्य की क्षेत्रीय पार्टियां गठबंधन बना रही हैं। उनका मकसद छोटी पार्टियों के बीच होने वाले वोटों के बंटवारे को रोकना है।
सत्ताधारी भाजपा असम गण परिषद और यूनाइटेड पीपल्स पार्टी लिबरल (UPPL) के साथ चुनाव लड़ेगी। वहीं मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस ने तीन वामपंथी दलों CPI-M, CPI और CPI-MLL के साथ-साथ ऑल इंडिया यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (AIUDF) के साथ मिलकर महागठबंधन बनाया है।
रायजोर दल ने राज्य में CAA आंदोलन को लीड किया था
गुरुवार को दो प्रमुख क्षेत्रीय दलों असम जातीय परिषद (AJP) और रायजोर दल (RD) ने ऐलान किया कि वे आगामी चुनाव एक साथ लड़ेंगे। ऑल असम स्टूडेंट्स यूनियन के पूर्व नेता लुरिनज्योति गोगोई ने एजेपी में शामिल हो गए हैं। उन्होंने यह ऐलान जेल में बंद रायजोर दल के सुप्रीमो अखिल गोगोई के साथ गुरुवार को तीन घंटे की मुलाकात के बाद किया। दिसंबर 2019 में CAA के खिलाफ आंदोलन का नेतृत्व करने के चलते अखिल गोगोई जेल में बंद हैं। फिलहाल उनका गुवाहाटी मेडिकल कॉलेज में इलाज चल रहा है।
राजनीतिक विश्लेषक और लेखक राजकुमार कल्याणजीत सिंह कहते हैं कि भाजपा भले ही AJP, RD या किसी भी गठबंधन के सीधे खतरे को नकार रही है, लेकिन दो क्षेत्रीय दलों के गठबंधन से सावधान भी है। AJP और RD पूर्वी असम में 45 सीटों पर भाजपा के प्रदर्शन पर असर डाल सकती हैं।
कई और क्षेत्रीय दलों से गठबंधन की कोशिश में जुटे हैं गोगोई
लुरिनज्योति गोगोई का कहना है कि उनकी पार्टी कार्बी आंगलोंग से स्वायत्त राज्य मांग समिति और BPF के संपर्क में है। दोनों का मध्य-पश्चिमी असम में स्थानीय लोगों के बीच अच्छा-खासा जनाधार है। गोगोई के मुताबिक उनका क्षेत्रीय गठबंधन राज्य की सभी 126 सीटों पर उम्मीदवार खड़ा करेगा। AJP और RD नेताओं ने कांग्रेस के नेतृत्व वाले महागठबंधन में शामिल होने के प्रस्तावों को नामंजूर कर दिया है।
पिछले साल भाजपा ने नए साथियों को NDA से जोड़ा था
पिछले साल दिसंबर में बोडोलैंड क्षेत्रीय परिषद के चुनाव नतीजों के बाद भाजपा ने बोडो पीपुल्स फ्रंट से नाता तोड़ लिया था और अपने नए सहयोगियों UPPL और गण सुरक्षा परिषद (GSP) को समर्थन देने का ऐलान किया था। वहीं, कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष रिपुन बोरा और अन्य नेताओं का दावा है कि इस बार राज्य में महागठबंधन के पक्ष में वोटों की सुनामी आएगी।
भाजपा नेता और राज्य के मंत्री हिमंत बिस्वा सरमा कहना है कि ‘केवल बांग्लादेश ही कांग्रेस को आगामी विधानसभा चुनाव में वोटों की सुनामी लाने में मदद कर सकता है।’
भाजपा को पिछले चुनाव में 60 सीटों पर जीत मिली थी
2016 में हुए विधानसभा चुनाव में भाजपा राज्य की 126 सीटों में से सबसे ज्यादा 60 सीटें जीतने में कामयाब रही थी। उसके सहयोगी दल असम गण परिषद को 14 और बोडो पीपुल्स फ्रंट को 12 सीटें मिली थीं। बोडो पीपुल्स फ्रंट ने भाजपा का साथ छोड़ दिया है। कांग्रेस और AIUDF ने 2016 में अलग-अलग चुनाव लड़ा था। कांग्रेस को 26 और AIUDF को 13 सीटें मिली थीं।