यहां मिल जाएगी 2 साल पुरानी Swift Dzire 3 लाख और Wagon R महज दाे लाख रुपये में– News18 Hindi

यहां मिल जाएगी 2 साल पुरानी Swift Dzire 3 लाख और Wagon R महज दाे लाख रुपये में– News18 Hindi


नई दिल्ली. भारत में सबसे ज्यादा बिकने वाली काराें में मारुति की स्विफ्ट डिजायर (Swift Dzire) सबसे आगे है. इसकी वजह है कम मेंटेनेंस और अच्छा एवरेज. यही वजह है कि जब भी किसी घर में नई कार या पुरानी कार भी लेने की चर्चा हाेती है ताे स्विफ्ट डिजायर का नाम सबसे आगे रहता है. लेकिन नई स्विफ्ट डिजायर करीब सात लाख रुपये से शुरू हाेती है. ऐसे में कई लाेगाें के यह बजट में नहीं आ पाती और वाे रूख करते हैं सेकेंड हैंड कार (Second Hand Cars) की तरफ. हालांकि मार्केट में सेकेंड हैंड स्विफ्ट डिजायर दाे साल पुरानी भी 5 लाख रुपये से कम की नहीं मिलती लेकिन हम आपकाे आज एक ऐसा तरीका बता रहे हैं जिससे इसी मॉडल की कार आप तीन से साढ़े तीन लाख रुपये तक आसानी से ले सकते हैं.

ऐसे ले कम बजट में ऊंचे मॉडल की गाड़ी

कम बजट में यदि आप ऊंचे मॉडल यानि दाे से तीन साल पुरानी गाड़ी लेना चाहते हैं ताे आपकाे इसके लिए टैक्सी गाड़ियाें की तरफ रूख करना पड़ेगा. दरअसल टैक्सी का नाम सुनते ही लाेगाें काे यह लगता है कि गाड़ी बेहद खराब कंडीशन में हाेगी या बहुत ज़्यादा चली हाेगी. लेकिन ऐसा नहीं हाेता है. टैक्सी में चली कारें भी आपकाे कम चली हुई और बेहतर कंडीशन में मिल सकती है. वैसे दिल्ली-एनसीआर और लगभग सभी बड़े शहराें में अब कमर्शियल काराें के अलग से डीलर भी मिल जाते हैं जिनसे आप बेहद साफ- सुथरी कम चली हुई कारें ले सकते हैं. क्याेंकि डीलर जब कार बेचते हैं ताे अपना मार्जिन भी जाेड़कर रखते हैं. ऐसे में यदि आपकाे थाेड़ा पैसा और बचाना है ताे आप सीधे ओएलएक्स पर कर्मशियल कारें सर्च करें और सीधे कार मालिक से बात करके डील करें.

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20 हजार रुपये में हाे जाएगी प्राइवेट
ज्यादातर लाेगाें काे जानकारी नहीं हाेती है कि कमर्शियल गाड़ी काे प्राइवेट नंबर भी करवाया जा सकता है. दिल्ली-एनसीआर में इसके लिए आरटीओ काे महज 20 हजार रुपये की फीस देनी हाेती है. जिसके बाद आप उसे प्राइवेट नंबर के साथ चला सकते हैं. हाे सकता है अन्य राज्याें में यह इससे ज्यादा या कम हाे. प्राइवेट नंबर करवाने के बाद उसमें लगे टैक्सी वाले स्टीकर हटाने और उसे पूरी तरह से साफ-सुधरी करवाने में भी ज़्यादा खर्चा नहीं आता. यदि गाड़ी में डेंट-पेंट का भी काम है ताे वह 10 हजार रुपये तक हाे जाएगा. यदि आप उसे दाेबारा पूरी पेंट करवा कर बिलकुल नई करना चाहते हैं ताे इसमें भी 20 हजार रुपये के करीब खर्चा आ सकता है. हां बस आपकाे टैक्सी गाड़ी ख़रीदते समय यह सुनिश्चित करना हाेगा कि उस पर काेई टैक्स बकाया ताे नहीं है. यदि है ताे वाहन मालिक से कहकर उसे भरवाना हाेगा या उस राशि काे कार की डिमांड राशि में से कम करवा सकते हैं.

कई लाेग छाेड़ चुके हैं टैक्सी चलाना

टैक्सी में मारुति की स्विफ्ट डिजायर, वैगनआर सबसे ज्यादा चलती है. इसके अलावा हाेंडा की अमेज, हुंडई की एक्सेंट, टाटा की इंडिको सीएस भी. लॉकडाउन के एक दाे साल पहले जिन्हाेंने टैक्सी चलाने के नई गाड़ियां खरीदी थी. लॉकडाउन के दाैरान उन्हें खासा नुकसान हुआ जिसके चलते उन्हाेंने टैक्सी चलाना ही छाेड़ दिया. कई लाेगाें ने अपने गांव का रूख कर लिया. ताे कई आज भी गाड़ी की किश्त नहीं भर पा रहे हैं. यही वजह है कि इस समय मार्केट में ये गाड़ियां बड़ी संख्या में मिल रही है. इसे खरीदकर आप भी कम बजट में ऊंचे मॉडल की गाड़ी का लुत्फ ले सकते हैं.





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