Ads से है परेशान? बिना Ads खबरों के लिए इनस्टॉल करें दैनिक भास्कर ऐप
ग्वालियर5 मिनट पहले
- कॉपी लिंक
शिवपुरी लिंक रोड से पकड़ी गई इंटरस्टेट गैंग के बारे में जानकारी देते पुलिस कप्तान अमित सांघी
- मेरठ-भिंड के बदमाशों का गैंग करने वाला था बड़ा कारनामा
- शिवपुरी लिंक रोड पर क्राइम ब्रांच-थाटीपुर थाना पुलिस की कार्रवाई
शिवपुरी लिंक रोड से एक इंटरस्टेट बदमाशों की गैंग पुलिस ने पकड़ी है। बदमाश खरगोन में बनी .32 बोर की देशी पिस्टलों से यूपी के मेरठ में भाई की हत्या का बदला लेने की तैयारी कर रहे थे। चार बदमाशों को पुलिस ने गिरफ्तार कर इनसे 9 पिस्टल मय मैग्जीन, 4 कारतूस व दो खाली मैग्जीन बरामद की है। बदमाशों में दो मेरठ यूपी के हैं और दो भिंड मध्य प्रदेश के निकले हैं। अब यह खरगोन में कहां से पिस्टल लेकर आ रहे थे पूछताछ की जा रही है।

मेरठ और भिंड के बदमाशों से पकड़ी गई पिस्टल, जिन्हें यह एमपी के खरगोन से खरीदकर लाना बता रहे हैं, पुलिस की एक टीम खरगोन भेजी जाएगी
एसपी ग्वालियर अमित सांघी ने बताया कि मुखबिर से सूचना मिली थी कि शिवपुरी के रास्ते कोई बड़ी गैंग शहर में आने वाली है। इस पर क्राइम ब्रांच और थाटीपुर थाना की संयुक्त टीमें बनाकर शिवपुरी लिंक रोड पर शीतला माता मंदिर तिराहा पर लगा दी गईं। दोपहर करीब 3 बजे एक कार शिवपुरी की ओर से आते दिखी। कार सवारों ने पुलिस चेकिंग देखी तो गाड़ी को बैक कर भागने लगे, लेकिन पहले से तैयार पुलिस की टीमों ने घेराबंदी कर कार सवार चार युवकों को हिरासत में लिया है। इसके बाद इनकी कार की तलाशी ली तो उसमें एक बैग मिला। साथ ही युवकों के पास भी कमर पर पिस्टल लगी मिली। पिस्टल देखते ही बदमाशों को गिरफ्तार किया गया। कार से 9 पिस्टल मय मैग्जीन, दो खाली मैग्जीन, चार जिंदा कारतूस बरामद हुए हैं।
यूपी, एमपी के बदमाशों ने बनाई थी गैंग
चेकिंग में पकड़े गए चारों बदमाशों से पूछताछ के बाद उनकी पहचान सविंदर पुत्र चमन सिंह गुर्जर निवासी खेड़ा बलराम पुर मेरठ, यूपी, अंकुर पुत्र बृजेश्वर त्यागी निवासी चांदसारा मेरठ, अंकित पुत्र जगमोहन लोधी निवासी गोपालपुरा भिंड व सिरनाम पुत्र चरण सिंह लोधी निवासी भिंड के रूप में हुई है। एक साल पहले ही यह नया गैंग बनाया गया था।
भाई की हत्या का बदला लेना था मकसद
सविंदर गुर्जर के भाई की मेरठ में अपहरण के बाद हत्या कर दी गई थी। इस मामले में 3 बदमाशों के नाम सामने आए थे। अभी वह जेल में हैं, लेकिन अगले महीने वह छूटने वाले हैं। इन्हीं से हत्या का बदला लेने के लिए संविदर ने तैयारी शुरू कर दी थी। वह खरगोन पहुंचा और वहां से .32 बोर की देशी पिस्टल खरीदकर मेरठ जा रहा था। पर बीच में पुलिस ने उसे गैंग सहित पकड़ लिया।
क्वालिटी के कारण खरगोन की पिस्टल
पकड़े गए बदमाश ने पुलिस को पूछताछ में बताया है कि पिस्टल तो मेरठ में भी मिल जाती, लेकिन मध्य प्रदेश के खरगोन में बनी .32 बोर की देशी पिस्टल ऑटोमैटिक होती है। वह किसी भी लाइसेंसी पिस्टल से कम नहीं होती। यहां 8 से 10 हजार में रुपए में आसानी से मिल जाती है। इसलिए यहां से खरीदी थी।