बांसा पंचायत में भ्रष्टाचार: सरपंच ने अपने बेटों के नाम जॉब कार्ड बनाकर लाखों रुपए निकाले, आंगनबाड़ी भवन, रोड व स्वागत गेट के निर्माण में भी गड़बड़ियां

बांसा पंचायत में भ्रष्टाचार: सरपंच ने अपने बेटों के नाम जॉब कार्ड बनाकर लाखों रुपए निकाले, आंगनबाड़ी भवन, रोड व स्वागत गेट के निर्माण में भी गड़बड़ियां


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सागर29 मिनट पहले

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ग्राम पंचायत में बनने वाला स्वागत गेट जिसके निर्माण में भ्रष्टाचार के आरोप लगे हैं।

  • आरोपों के बाद जिला पंचायत सीईओ ने सरपंच को जारी किया नोटिस
  • जैसीनगर जनपद सीईओ पीएल पटेल की भी कमिश्नर से की शिकायत

जैसीनगर की ग्राम पंचायत बांसा में भ्रष्टाचार का मामला सामने आया है। सरपंच ने अपने दो बेटों के ही महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) के तहत जॉब कार्ड बनाकर लाखों रुपए की राशि निकाल ली। जबकि सरपंच के बेटे एक निजी स्कूल में शिक्षक हैं। यही नहीं, पंचायत में बनने वाले आंगनबाड़ी भवन, रोड व स्वागत गेट के निर्माण में भी जमकर अनियमितताएं हुई हैं। ग्रामीणों ने सरपंच पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाते हुए इसकी शिकायत जिला पंचायत सीईओ से की है। इसके बाद सीईओ ने सरपंच अशोक कुमार राय को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। ग्रामीण विपिन कुमार ने सीईओ से की शिकायत में कहा है कि सरपंच अपने पद का दुरूपयोग कर रहे हैं। उन्होंने अपने बेटे विश्वनाथ व राजीव का जॉब कार्ड क्रमांक एमपी 10007/0130021272 का उपयोग कर लाखों रुपए की राशि निकाल ली। यह राशि पंचायत में बनने वाली गौशाला, खेत में बनने वाले तालाब, आंगनबाड़ी भवन व अन्य निर्माण कार्यों में मजदूरी दर्शा कर निकाली गई है। विपिन ने बताया कि सरपंच का बेटा राजीव एक निजी स्कूल में शिक्षक है। वह बच्चों को पढ़ाता भी है और मनरेगा के तहत मजदूरी भी करता है। यह कैसे संभव है? उन्होंने सरपंच के विरूद्ध कार्रवाई करने की मांग की है।

सरपंच ने नोटिस का नहीं दिया जवाब
ग्रामीणों की शिकायत पर जिला पंचायत सीईओ ने 20 जनवरी को सरपंच अशोक कुमार राय को नोटिस जारी कर सात दिन में अपना पक्ष रखने के लिए कहा था, लेकिन सरपंच ने नोटिस का जवाब ही नहीं दिया। इसके बाद सीईओ ने सरपंच को अपना पक्ष रखने के लिए एक मौका और दिया है। यदि इस बार भी सरपंच द्वारा कोई जवाब नहीं दिया जाता है। तो एक तरफा कार्रवाई सरपंच के विरूद्ध की जाएगी।

जनपद सीईओ से की शिकायत तो आवेदन ही गुमा दिया
जिला पंचायत कार्यालय में शिकायत करने से पहले ग्रामीणों ने जैसीनगर जनपद सीईओ पीएल पटेल से भी मामले की शिकायत की थी। ग्रामीणों ने बताया कि जब कार्रवाई नहीं हुई तो सीईओ पीएल पटेल से इस संबंध में पूछा गया तो उनका कहना था कि आवेदन पर जांच चल रही है। एक हफ्ते बाद फिर पूछा तो सीईओ का कहना था कि तुम्हारा आवेदन गुम गया है। सीईओ पीएल पटेल पंचायत के एसडीओ भी है। ग्रामीणों ने जैसीनगर जनपद सीईओ पीएल पटेल की शिकायत एक दिन पहले ही कमिश्नर मुकेश शुक्ला से की है। जिसमें कहा गया है कि सीईओ के द्वारा इस तरह की लापरवाही करना सरपंच द्वारा किए गए भ्रष्टाचार को बढ़ावा देना है।

मुझ पर लगे आरोप झूठे
ग्राम पंचायत बांसा सरपंच अशोक राय ने कहा कि जो आरोप लग रहे हैं वह झूठे हैं। विपक्ष की राजनीति से प्रेरित हैं। लोगों की वजह से ग्राम पंचायत में काम नहीं कर पा रहे हैं। कामों में रूकावट पैदा करते हैं और बाधक बनते हैं। मेरे बच्चे शादीशुदा हैं। उनकी परिवार आईडी अलग है, तो वे अपनी मजदूरी अलग करते हैं। जनपद सीईओ मामले की जांच करा रहे हैं।
आज जांच के लिए टीम भेजी है
जनपद पंचायत जैसीनगर सीईओ पीएल पटेल ने कहा कि इंजीनियर मनोज अग्रवाल के साथ टीम जांच के लिए गुरुवार सुबह ही मौके पर भेजी है। गांव वालों का आरोप है कि सरपंच ने मस्टर में अपने बेटों के नाम चढ़ाए हैं। इसकी जांच करवा रहे हैं। जिला पंचायत से सरपंच को नोटिस जारी हुआ था। जवाब भी वहीं देना है।



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