मैच के बाद कई लोगों ने मैच गंवाने का कारण टॉस हारने को बताया. इस पर संजय मांजेकर का कहना है, ‘जब आप कुछ पहलुओं को देखते हैं तो यह स्पष्ट होता है कि भारत में कहां कमी थी और टीम ने कहां मौका गंवाया. यह टॉस के साथ शुरू हुआ जो महत्वपूर्ण था लेकिन भारत पहले भी टॉस हारता रहा है. लेकिन धोनी टॉस हारने के बाद भी मैच जीतते रहे हैं. इसलिए इसे बहाना नहीं माना जा सकता है.’
पहले टेस्ट मैच के दौरान मांजेकर ने कोहली की कप्तानी की तुलना वेस्टइंडीज के महान बल्लेबाज विवियन रिचर्ड्स से की थी. हालांकि मैच हारते ही मांजेकर से स्वर बदल गए. उन्होंने कहा, ‘मैं यह नहीं कहूंगा कि भारत की रणनीति खराब थी या उनसे कोई बहुत बड़ी चूक हुई है. मुझे लगता है कि टीम का चयन सही था. लोग कुलदीप यादव के बारे में बात कर रहे हैं क्योंकि शाहबाज नदीम ने अच्छी गेंदबाजी नहीं की. मुझे लगता है कि मैच के कुछ हिस्सों में वाशिंगटन सुंदर ने गलत लाइन पर गेंदबाजी की शुरुआत की. वह ऑफ स्टंप के बाहर जब भी गेंदबाजी करते हैं तो बल्लेबाजों को मुश्किल में डालने में सफल रहते हैं. यही वो जगह रही जहां विराट कोहली की रणनीति और उनके टीम चयन को समझना थोड़ा मुश्किल है.’
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मांजेकर भारतीय स्पिनर्स से भी निराश दिखे. उन्होंने कहा, ‘भारत ने तीन स्पिनरों के साथ उतरा. आपके पास आर अश्विन थे, जिन्होंने अच्छी गेंदबाजी की, लेकिन शाहबाज नदीम से भारी निराशा हुई. उनसे यह उम्मीद की जा रही थी कि जडेजा की तरह वह टर्निंग पिच पर हवा में सटीक और तेज गेंदबाजी करेंगे. वाशिंगटन सुंदर ने ऑस्ट्रेलिया में अपने प्रदर्शन के बाद थोड़ा निराश किया, इसलिए जब आप आक्रमण को देखते हैं, तो यह घर पर होने वाला सामान्य स्पिन आक्रमण नहीं था.”