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- Director Of Modern Dental College Had Cheated Hundreds Of Students, Returned Money To 99 Students Of General Category
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इंदौर24 मिनट पहले
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मॉडर्न डेंटल कॉलेज के डायरेक्टर रमेश बदलानी
148 विद्यार्थियों को MBBS कोर्स में प्रवेश दिया था। इनमें से सामान्य श्रेणी के 99 विद्यार्थियों को ढाई-ढाई लाख रुपए लौटा दिए हैं। अप्रवासी भारतीय (एनआरआइ) श्रेणी के 23 विद्यार्थियों की सूची की जांच करने के बाद उन्हें भी पैसा लौटा दूंगा। अनुसूचित जाति-जनजाति के 26 विद्यार्थियों ने कॉलेज में पैसा ही जमा नहीं किया था। उन्हें पैसा लौटाने का कोई सवाल ही नहीं। यह जानकारी मार्डन मेडिकल काॅलेज के कर्ताधर्ता डॉ. रमेश बदलानी ने शुक्रवार को हाई कोर्ट में दी। कोर्ट ने उन्हें पूर्व में दी गई अंतरिम जमानत जारी रखते हुए सुनवाई दो सप्ताह आगे बढ़ा दी।
मार्डन मेडिकल कॉलेज संचालक डॉ.रमेश बदलानी और उनके भागीदार मनीष खटवानी पर आरोप है कि उन्होंने प्रवेश देने के नाम पर विद्यार्थियों से पांच-पांच लाख रुपए लिए, लेकिन उनकी पढ़ाई का कोई इंतजाम नहीं किया। फैकल्टी मेंबर्स को वेतन तक नहीं दिया। अव्यवस्थाओं के चलते एमआइसी ने कॉलेज की मान्यता ही निरस्त कर दी। खुद को ठगा महसूस कर रहे विद्यार्थियों ने कनाडिय़ा पुलिस थाने में बदलानी और खटवानी के खिलाफ एफआइआर दर्ज करवाई। पुलिस ने कॉलेज के दोनों संचालकों को गिरतार कर लिया। खटवानी ने हर विद्यार्थी को ढाई-ढाई लाख रुपए का भुगतान करने की शर्त पर जमानत हासिल कर ली थी। करीब दो महीने पहले कोर्ट ने डॉ. बदलानी को चिकित्सकीय आधार पर अंतरिम जमानत दी थी। कोर्ट ने उससे कहा था कि वे भी विद्यार्थियों से ली गई अपने हिस्से की रकम लौटाएं तो कोर्ट उनकी जमानत पर विचार कर सकती है। बदलानी की तरफ से पैरवी कर रही एडवोकेट सुधा श्रीवास्तव ने बताया कि शुक्रवार को हमने कोर्ट को बताया कि सामान्य श्रेणी के 99 विद्यार्थियों को पैसा लौटाया जा चुका है। जल्दी ही एनआरआइ श्रेणी के विद्यार्थियों को भी पैसा लौटा देंगे। इस पर कोर्ट ने पूर्व में चिकित्सकीय आधार पर दी गई अंतरिम जमानत को यथावत रखते हुए सुनवाई आगे बढ़ा दी।
यह था मामला
कनाड़िया स्थित मॉर्डन डेंटल कॉलेज में 148 छात्रों का एडमिशन हुआ था। एडमिशन के समय कॉलेज प्रबंधन ने प्रत्येक छात्र से 5-5 लाख रुपए फीस ली थी और सभी सुविधाएं उपलब्ध कराने की बात की थी। लेकिन प्रवेश के बाद कॉलेज में पढ़ाई का कोई प्रबंध नहीं किया गया। साथ ही कोई सुविधाएं भी वहां उपलब्ध नहीं थी। नियमों की अनदेखी के चलते मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया (एमआइसी) ने कॉलेज की मान्यता निरस्त कर दी। छात्रों की शिकायत पर कनाड़िया पुलिस द्वारा कॉलेज के डायरेक्टर रमेश बदलानी और मनीष खटवानी के खिलाफ केस दर्ज किया गयाा था।