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इंदौर5 मिनट पहले
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2021-22 सत्र के लिए इंजीनियरिंग कॉलेजों में एडमिशन लेने वाले छात्रों के पास हिंदी में किताबें पढ़ने का भी विकल्प रहेगा। 1 जुलाई 2021 से छात्रों को पढ़ने के लिए बाजार और लाइब्रेरी में अब अंग्रेजी के साथ हिंदी भाषा की किताबें भी मिलेंगी। अब छात्र को हिंदी भाषा में पढ़ाई का विकल्प मिल जाएगा। इंदौर में हर साल 10 हजार छात्र हिंदी मीडियम में बीई और एमई में प्रवेश लेते हैं। दरअसल अब इंदौर के 41 सहित प्रदेशभर के इंजीनियरिंग कॉलेजों में दाखिला लेने वाले छात्रों को हिंदी में ही उनके कोर्स की किताबें मिल सकेंगी। इसकी शुरुआत बीई प्रथम वर्ष और पॉलिटेक्निक कॉलेजों के डिप्लोमा प्रथम वर्ष के कोर्स से हो रही है।
प्रदेशभर में हर साल इन कॉलेजों में प्रथम वर्ष में 30 हजार से अधिक 12वीं में हिंदी मीडियम से पास छात्र प्रवेश लेते हैं। राजीव गांधी प्रौद्योगिकी विवि ने इस दिशा में काम भी शुरू कर दिया है। 12वीं तक हिंदी मीडियम से पढ़ने वाले छात्रों को भी बीई में इंग्लिश में पेपर देना होता है। छात्रों की परेशानी को देखते हुए हिंदी में पाठ्यक्रम की किताबें प्रकाशित करवाई जाएंगी। यह ऑल इंडिया काउंसिल फॉर टेक्निकल एजुकेशन (एआईसीटीई) के मॉडल केरिकुलम सिलेबस के तहत तैयार की जाएंगी। यूजी लेवल की किताब लिखने वाले विशेषज्ञ को दो लाख रुपए प्रति विषय की किताब के हिसाब से और डिप्लोमा-पॉलिटेक्निक के लेखन पर डेढ़ लाख का भुगतान किया जाएगा। इंदौर में एसजीएसआईटीएस, आईईटी सहित 41 इंजीनियरिंग कॉलेज हैं। इन सभी में पढ़ने वालों को इसका फायदा मिलेगा।