बता दें कि मंगलवार को सीधी जिले के बाणसागर नहर में बस गिर गई थी. इस हादसे में अभी तक 49 यात्रियों की मौत हो गय है. सभी शव बरामद कर लिए गए हैं. बस में सवार 7 यात्रियों ने तैरकर अपनी जान बचाई है. इनमें बस का ड्राइवर भी शामिल है. यह बस 32+2 सीटर थी, लेकिन इसमें 54 यात्री सवार थे. दुर्घटना में मृत 42 यात्रियों के शव बरामद कर लिए गए हैं. इस भीषण दुर्घटना पर राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी (PM Narendra Modi), सीएम शिवराज सिंह चौहान और नेता प्रतिपक्ष व पीसीसी चीफ कमलनाथ ने शोक व्यक्त किया है. मध्य प्रदेश सरकार ने मृतकों के परिवार को 5-5 लाख और पीएम मोदी ने नेशनल पीएम रिलीफ फंड से 2-2 लाख रुपये का मुआवजा देने का ऐलान किया है.
इरादतन हत्या का मामला दर्ज होना चाहिए
वहीं, सीधी में हुए बस हादसे पर अब सियासत शुरू हो गई है. खासकर प्रदेश के परिवहन मंत्री निशाने पर आ गए हैं. परिवहन मंत्री गोविंद सिंह राजपूत को पहले तो मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने तलब किया, इसके बाद मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस ने हादसे को लेकर उनका इस्तीफा मांग लिया है. प्रदेश कांग्रेस सचिव राकेश सिंह यादव ने आरोप लगाया कि हादसे की शिकार बस का न फ़िटनेस और न ही परमिट थी. बस अवैध रूप से चल रही थी. इसलिए परिवहन अधिकारियों पर ग़ैर इरादतन हत्या का मामला दर्ज होना चाहिए.