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- Kriti, Who Topped The MBBS Every Year, Will Get 8 Gold Medals, Bid Also Active In Social Media, Family Fungsan
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इंदौर7 घंटे पहले
कृति अरबिंदो मेडिकल कॉलेज से रेडियोलॉजी में पीजी कोर्स कर रही हैं।
- 19 फरवरी को DAVV के दीक्षांत समारोह में दिया जाएगा
- फिलहाल अरबिंदो मेडिकल कॉलेज से रेडियोलॉजी में पीजी कोर्स कर रहीं कृति
देवी अहिल्या यूनिवर्सिटी की एमबीबीएस की टॉपर रहीं छात्रा कृति जैन ने कीर्तिमान रचा है। उन्हें 19 फरवरी को होने वाले दीक्षांत समारोह में 8 गोल्ड और 1 सिल्वर मेडल मिलेगा। संभवत: पहली बार किसी को एक साथ इतनी संख्या में गोल्ड मेडल मिले हों। कृति छात्रों के लिए प्रेरणा हैं। दैनिक भास्कर से बातचीत में उन्हाेंने कहा कि जरूरी नहीं है कि पढ़ाई के लिए सोशल मीडिया और परिवार से कटऑफ हो जाइए। मैंने तो सोशल मीडिया पर एक्टिव रहते हुए नियमित पढ़ाई की। अगर असफलता मिलती है तो वह भी सिखाती ही है।
कृति ने 2013 से 2018 के बीच एमजीएम मेडिकल कॉलेज से एमबीबीएस किया। कृति फिलहाल अरबिंदो मेडिकल कॉलेज से रेडियोलॉजी में पीजी कोर्स कर रही हैं। वह सेकंड ईयर में हैं।
राज्यपाल आनंदी बेन पटेल और पूर्व लोस स्पीकर कृति को उपाधि देते हुए।
उज्जैन निवासी कृति के पिता अनिल जैन और मां सीमा उज्जैन में ही रहते हैं। वह यहां हॉस्टल में रहकर पढ़ाई कर रही हैं। खास है कि कृति को हर विषय में दो-दो गोल्ड मिले। न केवल वह यूनिवर्सिटी की ओवरऑल टॉपर रहीं, बल्कि चारों ही विषय की भी ओवरऑल टॉपर रहीं। हर विषय में गोल्ड मेडल के दो-दो स्पॉन्सर होने से उन्हें 8 गोल्ड मेडल मिलेंगे। साथ ही, उन्हें एक सिल्वर भी मिलेगा।

पूर्व महापौर मालिनी गाैड़ के हाथों भी हो चुकी हैं पुरस्कृत।
ऐसे बनीं हर बार टॉपर : हर विषय की प्लानिंग के साथ बिना गैप की पढ़ाई
कृति ने दैनिक भास्कर से चर्चा में कहा कि उन्होंने नियमित पढ़ाई की। कभी गैप नहीं किया। हर विषय की प्लानिंग उसके महत्व के हिसाब से की और उतना ही समय उस विषय को दिया। उसी का नतीजा रहा कि मैं हर विषय में टॉपर रही। बचपन का सपना था, एमबीबीएस कर डॉक्टर बनूं। वह पूरा हो गया। रेडियोलॉजी में पीजी चल रहा है। यही स्पेशलाइजेशन मेरा ड्रीम था, जो अब पूरा होगा।

कृति को परिवार से भरपूर सहयोग मिला। बहन भी एमबीबीएस की पढ़ाई कर रही है।
दैनिक भास्कर ने कृति से बात की…
- सवाल : लगातार गोल्ड मेडल मिल रहे हैं, कैसा रहा आपका यहां तक सफर?
- मैंने एमजीएम मेडिकल कॉलेज इंदौर से एमबीबीएस किया है। यहां परिजनों के साथ ही टीचर का सहयोग मिला। एमबीबीएस के सभी सब्जेक्ट में गोल्ड मेडल मिला। मेरा सपना शुरू से ही डॉक्टर बनने का था। इस बार फाइनल ईयर का गोल्ड मेडल रिसीव करूंगी।
- सवाल : पढ़ाई के साथ सोशल मीडिया, परिवार और दोस्तों से कैसे सामंजस्य बनाया?
- सभी चीजों में बैलेंस जरूरी है। जरूरी नहीं है कि आप सोशल मीडिया और फैमिली से कटऑफ हो जाइए। मैंने सभी को समय दिया पर टाइम फिक्स रखा। प्राइमरी फोकस पढ़ाई पर ही रहा।
- सवाल : परिवार ने किस प्रकार से सपोर्ट किया?
- मेरी छोटी बहन है, वह भी एमबीबीएस कर रही है। परिवार ने मुझे पूरी तरह से छूट दिया कि आपको जो बनना है, उस ओर कदम बढ़ाओ। कोई बंदिश नहीं थी, इसलिए मैं फ्री होकर अपनी पढ़ाई पर फोकस कर पाई।
- सवाल : उन छात्रों के लिए क्या कहना चाहेंगी जो कई बार डिप्रेशन में आ जाते हैं?
- डिप्रेस नहीं होना चाहिए, हर विफलता से आप कुछ सीख सकते हैं। अपनी मेंटल स्ट्रैंथ को स्ट्रांग रखना चाहिए। यदि कभी आपको ऐसा कुछ लगे तो फैमिली और फ्रेंड से शेयर करना चाहिए। डॉक्टर से भी सलाह ले सकते हैं। कोई गलत कदम नहीं उठाना चाहिए।
- सवाल : देश, प्रदेश के लिए क्या करना चाहेंगी?
- मैंने रेडियोलॉजी फील्ड को चुना है। ऐसे में मैं गरीबों के लिए फ्री में सोनोग्राफी, एक्सरे फ्री में करना चाहूंगी। इसके अलावा जहां भी उन्हें जरूरत होगी, वहां आगे आकर उनकी मदद करने की कोशिश करूंगी।

एमजीएम का प्रतिष्ठित अवार्ड भी कृति ने अपने नाम किया है।
यह अवाॅर्ड भी मिले
जैन ने बताया कि उन्हें एमजीएम का सबसे प्रतिष्ठित अवाॅर्ड एमजीएम ब्लू पिछले साल मिला था। इसके अलावा डॉक्टर आरपी सिंह मेमोरियल अवाॅर्ड भी उन्हें मिल चुका है।

कृति के पिता बिल्डर हैं, जबकि मां हाउस वाइफ।