Ads से है परेशान? बिना Ads खबरों के लिए इनस्टॉल करें दैनिक भास्कर ऐप
इंदौर40 मिनट पहले
- कॉपी लिंक
मीटर के सील को तोड़कर उपभोक्ता ने उसके पीछे से छेद कर लिया था। वहीं, से इसने सीधा कनेक्शन जोड़ कर बिजली का बायपास कर लिया था।
चार एसी, पांच फ्रीज, दो गीजर, हर कमरे में पंखा और राेशनी कर रहीं ट्यूब लाइट। इसके अलावा बिजली से चलने वाले कई अन्य उपकरण भी थे। यह सब माैजूद था टाटपट्टी बाखल के मकान नंबर 10/1 में। हालांकि घर पर यह सब हाेना आम बात है, लेकिन यह यहां पर इसलिए खास है, क्याेंकि यह बस संचालित हाे रहा था, चाेरी की लाइट से। दो हिस्से में बने तीन मंजिला मकान में जब गुरुवार काे टीम लाेड चेक करने पहुंची ताे वह चाेरी का तरीका देखा चाैंक गई। इतना सब चल रहा था, लेकिन इनका बिल मात्र महीने में दो हजार के करीब आ रहा था। टीम ने जब यहां दबिश दी तो पता चला उपभोक्ता द्वारा स्मार्ट मीटर में पीछे से छेद कर बिजली चोरी की जा रही थी। मीटर की सील भी टूटी हुई थी। ये यहां किलोवाट का लोड स्वीकृत करवाकर 28 किलोवाट लोड इस्तेमाल कर रहे थे। टीम ने मीटर जब्त कर लिया गया है। यहां पांच लाख रुपए की बिजली चोरी का अनुमान है।

कंपनी ने मीटर जब्त कर लिया है, लोड के हिसाब से वसूलेगी हर्जाना।
अधीक्षण यंत्री कामेश श्रीवास्तव ने बताया कि टाटपट्टी बाखल में बिजली चोरी व गड़बड़ी के संकेत मिले थे। इसी आधार पर राजमोहल्ला जोन की टीम बनाकर गुरुवार दोपहर कार्रवाई की गई। पांच सदस्य़ी दल ने टाटपट्टी बाखल के उपभोक्ता मो. आजम के यहां छापा मारा। इस उपभोक्ता ने स्मार्ट मीटर में छेड़छाड़ कर सीधे बिजली उपयोग की व्यवस्था कर रखी थी। इस कारण उपभोक्ता के पूर्व मंजूर सात किलो वाट लोड की बजाए मात्र दो से तीन किलो वाट लोड के ही बिल आ रहे थे। दल ने जब छापा मारा एवं परिसर में बिजली उपयोग की विस्तृत जांच की तो चार एसी, दो गीजर समेत 13 प्रकार के कुल 40 उपकरण उपयोग में पाए गए। इनका कुल लोड 28 किलो वाट पाया गया। इसी आधार पर बिजली चोरी एवं दंड राशि की गणना की गई है, यह लगभग पांच लाख रुपए है। इस कार्रवाई में इंजीनियर भास्कर घोष, आरके शाह, बिजली कर्मी दिनेश रायकवार, अयाज खान, रवि बड़ोदिया का सहयोग रहा। कंपनी का कहना है कि बिजली चोरी पकड़ने जाने पर मौजूदा लोड के हिसाब से सालभर की राशि, दोगुना जुर्माना ओश्र मीटर खराब होने पर उसकी भी कीमत वसूली जाती है।
15 से 20 हजार रुपए पर महीना बिल आना चाहिए
राजमोहल्ला जोन के प्रभारी सहायक यंत्री भास्कर घोष ने बताया कि 10/1 टाटपट्टी बाखल स्थित मकान में सात किलोवाट लोड स्वीकृत होने के बावजूद प्रतिमाह 400-500 यूनिट रिडिंग आ रही थी। घर की साइज देखकर लग रहा था कि कुछ गड़बड़ है। क्योंकि घर में एक दर्जन के करीब कमरे थे। उस हिसाब से लोड कम आ रहा था। इसी के बाद टीम जब जांच के लिए पहुंची तो यहां एसी के साथ ही बिजली से चलने वाली बहुत सी सामग्री मिली। वर्तमान लोड की बात करें तो इस घर का महीने का बिल 15 से 20 हजार रुपए आना चाहिए, लेकिन बिल मात्र दो से तीन हजार रुपए ही आ रहा था। इसने मीटर की सील तोड़कर उसके पीछे से छेद कर लिया था। वहीं से इसने सीधा कनेक्शन जोड़ कर बिजली का बायपास कर लिया था।