पेट्रोल के भाव में तेजी जारी: पॉवर पेट्रोल के भाव 100 रुपए पार पहुंचे, सादा पेट्रोल भी 97.36 रुपए प्रति लीटर बिक रहा

पेट्रोल के भाव में तेजी जारी: पॉवर पेट्रोल के भाव 100 रुपए पार पहुंचे, सादा पेट्रोल भी 97.36 रुपए प्रति लीटर बिक रहा


Ads से है परेशान? बिना Ads खबरों के लिए इनस्टॉल करें दैनिक भास्कर ऐप

रतलाम2 घंटे पहले

  • कॉपी लिंक
  • डीजल के दाम 88 रुपए प्रति लीटर हुए, ट्रांसपोर्टरों ने दी हड़ताल पर जाने की चेतावनी

पेट्रोल के भाव में तेजी जारी है। पॉवर पेट्रोल के भाव बुधवार को तो 100 रुपए प्रति लीटर के पार पहुंच गए और यह 100.90 रुपए प्रति लीटर बिका। वहीं सादे पेट्रोल के भाव में भी तेजी बरकरार रही और सादा पेट्रोल शहर में 97.36 रुपए प्रति लीटर बिक रहा है। इधर डीजल के भाव 88 रुपए प्रति लीटर पहुंच गए हैं। जनवरी से लेकर अब तक डीजल 6.26 रुपए प्रति लीटर महंगा हुआ है। वहीं पेट्रोल की बात करें तो जनवरी से अब तक इसके भाव में 5.80 रुपए प्रति लीटर की तेजी आई है। इधर डीजल की कीमतों के कारण ट्रांसपोर्टरों, बस चालकों और मैजिक चालकों ने किराए में बढ़ोतरी की मांग शुरू कर दी है। यदि जल्द बढ़ोतरी नहीं हुई तो आंदोलन पर जाने की चेतावनी दी है।

इसलिए महंगा हो रहा है पेट्रोल व डीजल
अक्टूबर 2020 के बाद से अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल के भाव तेजी जारी है। इसमें अब तक 50 फीसदी की तेजी आ गई है। 63.3 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गए हैं।
किराया बढ़ाने की इजाजत दें
मैजिक टेम्पो यूनियन के राजकुमार जैन लाला एवं अशोक पंचोली ने बताया कि डीजल के भाव आसमान छू रहे हैं। इससे आवागमन महंगा हो रहा है। प्रशासन को किराया बढ़ाना चाहिए ताकि राहत मिल सके। शहर में मैजिक पब्लिक ट्रांसपोर्ट का मुख्य जरिया है और लोग इससे आना जाना करते हैं। लगातार बढ़ते दाम के कारण अब वाहन चलाना मुश्किल हो रहा है। इससे न्यूनतम किराया 10 रुपए होना चाहिए।

दाम कम करे सरकार नहीं तो थमेंगे वाहनों के चक्के
डीजल की बढ़ती कीमतों के कारण ट्रांसपोर्टरों को वाहन चलाना मुश्किल हो रहा है। ऑल इंडिया मोटर ट्रांसपोर्ट कांग्रेस अध्यक्ष कुलतरण सिंह अटवाल, वेस्ट जोन उपाध्यक्ष विजय कालरा एवं आरटीओ एंड ट्रैफिक चेयरमैन मध्य प्रदेश प्रदीप छिपानी ने बताया कि डीजल की कीमतें लगातार बढ़ रही हैं व डीजल के भाव 88 रुपए प्रति लीटर पहुंच गए हैं। वहीं वाहनों को कबाड़ करने की मौजूदा नीति को लेकर ट्रांसपोर्टरों ने कहा कि सरकार इस नीति को अमल लाने के पहले ट्रांसपोर्टरों से चर्चा करे। ट्रांसपोर्टरों ने सरकार को 14 दिन का समय दिया है।



Source link