सड़क सुरक्षा समिति की उपसमिति के अध्यक्ष अपने सदस्यों के साथ मौके पर जाकर क्रैश इन्वेस्टिगेशन रिपोर्ट तैयार करेंगे. मोटर व्हीकल एक्ट की धारा 135 के तहत उप समिति इन्वेस्टिगेशन करेगी. उप समिति एक सप्ताह में लीड एजेंसी पीटीआरआई को अपनी रिपोर्ट भेजेगी. यह जांच रोड का निर्माण, रोड के रख-रखाव में कमी, दुर्घटना के लिए जिम्मेदारी, सुधारात्मक उपाय, अभियान आदि बिंदुओं पर होगी. पीटीआरआई के चीफ डीसी सागर ने कहा कि गंभीर सड़क हादसों के लिए आज से क्रैश इन्वेस्टिगेशन जरूरी है. इस इन्वेस्टिगेशन को लेकर शासन ने भी उप समितियों को निर्देशित किया है. इस इन्वेस्टिगेशन से सड़क हादसों को रोकने में काफी हद तक मदद मिलती है.
उप समिति की लापरवाही
सुप्रीम कोर्ट की रोड सेफ्टी कमिटी की मध्यप्रदेश में लीड एजेंसी पुलिस ट्रेनिंग एंड रिसर्च इंस्टीट्यूट (PTRI) है. यह कमेटी लीड एजेंसी को सड़क हादसों में कमी लाने के लिए समय-समय पर दिशा-निर्देश जारी करती है और सड़क हादसों की मॉनिटरिंग करती है. मध्य प्रदेश शासन ने इसी कमेटी के निर्देश पर गंभीर सड़क हादसों में जिले की उप समिति को मोटर व्हीकल एक्ट की धारा 135 के तहत क्रैश इन्वेस्टिगेशन करने के निर्देश 2018 में दिए थे. ताकि ऐसे हादसों पर कंट्रोल किया जा सके. लेकिन, यह समिति काम नहीं कर रही है.
Bhopal : सीधी से लौटते ही CM शिवराज ने ली हाई लेवल मीटिंग, साफ कहा-जो गलती करेगा वो दंड पाएगा
हादसों कंट्रोल करती क्रैश इन्वेस्टिगेशन
इस उप समिति के अध्यक्ष जिले के कलेक्टर रहते हैं और सदस्य आईजी एसपी और दूसरे विभागों के अधिकारी रहते हैं. इसी उप समिति को लीड एजेंसी पीटीआरआई ने क्रैश इन्वेस्टिगेशन करने के निर्देश दिए हैं. कलेक्टर मौके पर जाकर तमाम बिंदुओं पर जांच करने के बाद अपनी रिपोर्ट लीड एजेंसी को देंगे और लीड एजेंसी इस रिपोर्ट को सुप्रीम कोर्ट की रोड सेफ्टी कमेटी को भेजेगी. इस रिपोर्ट के आधार पर रोड सेफ्टी कमेटी दिशा-निर्देश जारी करेगी.
इन बिंदुओं पर होती क्रैश इन्वेस्टिगेशन
क्रैश इन्वेस्टिगेशन के तहत मौके पर जाकर कलेक्टर और उनकी टीम को जांच करनी पड़ती है. यह जांच रोड के निर्माण, रोड के रखरखाव में कमी, दुर्घटना के लिए जिम्मेदारी, सुधारात्मक उपाय, अभियान, रोड इंजीनियरिंग, ट्रैफिक समेत हादसे से जुड़े हर एक बिंदु पर की जाती है. इस इन्वेस्टिगेशन को लेकर सरकार कई साल पहले निर्देश जारी कर चुकी है. लेकिन, इसके बावजूद भी कलेक्टर और उनकी टीम में शामिल IG, SP समय रहते गंभीर सड़क हादसों की क्रैश इन्वेस्टिगेशन नहीं करते हैं. यही कारण है कि इस तरीके के गंभीर सड़क हादसे मध्य प्रदेश में लगातार सामने आ रहे हैं.