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इंदौरएक घंटा पहले
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कलेक्टर मनीष सिंह पुष्प विहार कॉलोनी में पहुंचे, जिसे भूमाफियाओं से मुक्त करवाया गया है।
प्लाटधारकों से रुपए लेकर प्लाट नहीं देना और उनके रुपयों को डकार जाने वाले भूमाफिया दीपक जैन उर्फ दिलीप सिसोदिया उर्फ दीपक मद्दा पर प्रशासन ने राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम 1980 की धारा तीन के कार्रवाई की है। कलेक्टर मनीष सिंह ने मद्दा पर रासुरा लगाने के साथ ही उसे केंद्रीय जेल भेजने के निर्देश भी दिए। कलेक्टर ने कहा कि आमजनों का हक छीनने वाले किसी भी माफिया को बख्शा नहीं जाएगा। इसके अलावा कलेक्टर ने दोपहर में पुष्प विहार कॉलोनी का मुआयना भी किया।
मजदूर पंचायत गृह निर्माण सहकारी संस्था द्वारा काटी गई पुष्प विहार कॉलोनी, देवी अहिल्या श्रमिक कामगार संस्था की अयोध्यापुरी कॉलोनी और खजराना क्षेत्र में स्थित अवैध कॉलोनी हिना पैलेस के मामले में बडी कार्रवाई करते हुए जिला प्रशासन, नगर निगम अधिकारियों और पीडितों द्वारा मिलकर संयुक्त रूप से 18 आरोपियों पर दो थानों में छह एफआईआर दर्ज कराई थी। कलेक्टर मनीष सिंह ने कहा कि दो सोसायटी की करीब तीन हजार करोड कीमत की जमीन पर इन आरोपियों का दखल था और इनके चलते डेढ हजार सदस्य सालों से परेशान हो रहे थे। सभी एफआईआर में अलग-अलग नाम से पहचान रखने वाले भू माफिया दीपक जैन उर्फ दिलीप सिसौदिया उर्फ दीपक मद्दा मुख्य आरोपी है।
इसके साथ ही सुरेंद्र संघवी और उनके बेटे प्रतीक संघवी पर दो मामलों में केस दर्ज हुए हैं। आरोपियों में मद्दा के साले दीपेश वोरा, उसके भाई कमलेश जैन के साथ ही धवन बंधु जितेंद्र व राजीव, नसीम हैदर, सराफा डिब्बा कारोबार से जुडे केशव नाचानी, ओमप्रकाश धनवानी, श्रीधर, श्रीराम सेवक पाल, गुलाम हुसैन, रमेश चंद्र डी जैन, रणवीर सिंह सूदन, विमल लुहाडिया, पुष्पेंद्र नीमा और मुकेश खत्री शामिल है। इन सभी पर आईपीसी की धारा 406, 420, 467, 468, 471 और 120 बी में प्रकरण पंजीबद्द हुए हैं। थाना खजराना में चार और एमआईजी में दो एफआईआर दर्ज की गई। वहीं, डीआईजी मनीष कपूरिया ने कहा कि सभी आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए टीम बनाकर कार्रवाई की जा रही है।
आरोपी और उनकी धोखाधड़ी
- दीपक मद्दा- सभी छह एफआईआर में मद्दा का नाम है। इस पर आरोप है कि मजदूर पंचायत संस्था का नंदानगर सहकारी संस्था में अनाधिकृत खाता खुलवाया। अपने भाई कमलेश जैन और संस्था के अध्यक्ष दीपेश वोरा के साथ मिलकर संस्था की दो हेक्टेयर जमीन केशव नाचानी और ओमप्रकाश धनवानी को साल 2006 में बेचा। इसमें दो करोड़ का सौदा था, लेकिन 50 लाख के चेक ही संस्था के खाते में आए, डेढ करोड मददा को नकद मिले। सिटी बैंक के अपने खाते में मद्दा ने 54 लाख रुपए मजदूर पंचायत से लिए। मद्दा ने हिना पैलेस से जुडी श्रीराम संस्था की पांच हेक्टेयर जमीन इसी सौदे से मिली 1.60 करोड़ की राशि से उसी साल 2006 में खरीद ली। मद्दा ने हिना पैलेस जो केवल वैध रूप से दो हेक्टेयर में थी, इसमें श्रीराम के साथ ही सारथी, हरियाणा व शताब्दी संस्था की जमीन भी शामिल कर दस हेक्टेयर की अवैध बनाकर नगर निगम से वैध कराने का आवेदन कर साल 2013 में कूटरचित दस्तावेज से वैध कराई। मद्दा ने इसी तरह देवी अहिल्या संस्था की काटी आयोध्यापुरी कॉलोनी में सिम्पलेक्स मेगा इन्वेस्टमेंट कंपनी के नाम पर चार एकड़ जमीन साल 2007 में खरीद ली, इस कंपनी में मद्दा डायरेक्टर था।
- सुरेंद्र संघवी व प्रतीक संघवी- अयोध्यापुरी की भूखंड धारकों की चार एकड जमीन साल 2007 में सिम्पलेक्स कंपनी ने चार करोड़ में खरीदी लेकिन पेमेंट केवल 1.80 करोड़ ही किया और बाद में भूखंड धारकों के साथ गुंडागर्दी की, और उन पर काबिज नहीं होने दिया गया। इसी कंपनी में उनके बेटे प्रतीक संघवी भी डायरेक्टर थे।
- मुकेश खत्री, पुष्पेंद्र नीमा – अयोध्यापुर की जमीन खरीदने वाली सिम्पलेक्स कंपनी में यह भी डायरेक्टर थे, इन्हें भी इस जमीन में लाभ मिला।
- ओमप्रकाश धनवानी व केशव नाचानी – दीपक मद्दा के साथ मिलकर इन्होंने पुष्पविहार में जमीन खरीदी और बाद में पूरा भुगतान भी संस्था को नहीं किया, नकद में मद्दा को डेढ़ करोड रुपए दिए।
- दीपेश वोरा, कमलेश जैन और नसीम हैदर – मद्दा के रिश्तेदार साला दीपेश वोरा मजदूर पंचायत में अध्यक्ष थे, भाई कमलेश उपाध्यक्ष थे और नसीम हैदर प्रबंधक। हैदर ने ही भूखंड धारकों की जमीन धनवानी और नाचानी को रजिस्ट्री कराई और इस सभी में मद्दा के साथ वोरा, जैन व हैदर भी संलग्न थे। हैदर ने दो हेक्टेयरय जमीन मल्हार होटल प्रालि को बेचा एक करोड पांच लाख में।
- रणवीर सिंह सूदन व विमल लूहाडिया – देवी अहिल्या संस्था में रणवी सिंह सूदन अध्यक्ष व लूहाडिया प्रबंधक थे। इन्होंने ही सिम्पलेक्स कंपनी के कर्ताधर्ताओं प्रतीक, मद्दा, मुकेश खत्री, नीमा इन्हें जमीन बेचने का काम किया।
- धवन बंधु जितेंद्र व राजीव धवन – हिना पैलेस में शामिल की गई हरियाण संस्था की जमीन जितेंद्र धवन ने और सारथी व शताब्दी गृह निर्माण संस्था की जमीन वैभव महालक्ष्मी रियल एस्टेट के जितेंद्र व राजीव धवन ने खरीदी।
- श्रीधर, श्रीराम सेवक पाल, गुलाम हुसैन, रमेश चंद्र डी जैन – हिना पैलेस में जोडी गई सारथी, शताब्दी, हरियाणा संस्था में जमीन की खरीदी-बिक्री करने में मददा के साथ मिलकर इनकी भूमिका थी।