पेट्रोल-डीजल महंगे होने का असर यात्री किराये पर पड़ने वाला है. बस ऑपरेटर की मांग पर सरकार यात्री किराए में वृद्धि करेगी. लेकिन यात्री बस किराए में कितनी वृद्धि हो इसका फैसला मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान करेंगे. इस संबंध में जल्दी कोई बैठक होगी उसके बाद सरकार फैसला लेगी.
बस ऑपरेटर्स की है मांग
प्रदेश के बस ऑपरेटर्स एसोसिएशन की तरफ से लगातार मांग हो रही है कि किराया बढ़ाया जाए.भोपाल पेट्रोल डीजल और रसोई गैस के दाम में लगातार इजाफे के बाद अब इसका असर यात्री किराये पर भी दिखाई दे सकता है. बस ऑपरेटर की मांग पर राज्य सरकार किराया बढ़ाने की तैयारी में जुट गई है. प्रदेश के परिवहन मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने कहा है कि सरकार इस पर विचार कर रही है.इसको लेकर प्रस्ताव तैयार किया गया है. लेकिन बस किराये में कितनी वृद्धि हो इसका फैसला मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान करेंगे.इस संबंध में जल्दी कोई बैठक होगी उसके बाद सरकार इसका ऐलान होगा.
महंगाई की मार
प्रदेश के बस ऑपरेटर्स एसोसिएशन की तरफ से लगातार मांग हो रही है की यात्री किराए को बढ़ाया जाए.बस ऑपरेटर गोपाल पैगवार ने कहा है सरकार ने साल 2018 में बस किराये में वृद्धि की थी. उसके बाद से कई दफा डीजल के दाम बढ़ चुके हैं. एमपी में डीजल ₹90 प्रति लीटर तक पहुंचने वाला है. ऐसे में सरकार को किराये में 50 फ़ीसदी से ज्यादा वृद्धि करना चाहिए,वरना प्रदेश की सड़कों पर बसें चलाना मुश्किल हो जाएगा.
कांग्रेस ने साधा निशाना
पब्लिक ट्रांसपोर्ट का किराया बढ़ाये जाने की तैयारी पर कांग्रेस के पूर्व मंत्री सज्जन सिंह वर्मा ने कहा मौजूदा सरकार में हर चीज में महंगाई बढ़ रही है. सरकार को खराब सड़कों की तरफ ध्यान देना चाहिए. प्रदेश की सड़कों पर कंडम बसें दौड़ रही हैं. सरकार को उस तरफ ध्यान देना चाहिए. लेकिन सरकार यात्री किराया बढ़ाकर आम बस सेवा पर महंगाई की मार मारने की तैयारी में है.
जेब ढीली करना होगी
यदि यात्री किराया और ट्रांसपोर्ट महंगा होता है तो इसका असर दूसरी रोजमर्रा की वस्तुओं पर भी दिखाई देगा. मतलब साफ है कि पेट्रोल डीजल रसोई गैस और महंगी होती बिजली के बीच अब आम लोगों को बसों में सफर करने के लिए किराया भी ज़्यादा देना होगा.