डेंटिस्ट ने की असिस्टेंट की हत्या: दो महीने से लापता युवती का शव गड्‌ढे में से निकाला, किसी को शक ना हो इसलिए कुत्ते के साथ क्लीनिक के पास ही दफना दिया

डेंटिस्ट ने की असिस्टेंट की हत्या: दो महीने से लापता युवती का शव गड्‌ढे में से निकाला, किसी को शक ना हो इसलिए कुत्ते के साथ क्लीनिक के पास ही दफना दिया


  • Hindi News
  • Local
  • Mp
  • The Body Of The Missing Woman Was Removed From The Pits For Two Months, No Doubt So Buried With The Dog Near The Clinic

Ads से है परेशान? बिना Ads खबरों के लिए इनस्टॉल करें दैनिक भास्कर ऐप

सतना16 मिनट पहले

  • कॉपी लिंक

विभा केवट 14 दिसंबर से लापता थी। पूछताछ के बाद आराेपी डॉक्टर ने हत्या करना कबूल कर ली।

  • पुलिस ने आरोपी डॉक्टर को गिरफ्तार किया
  • पहले प्रेम जाल में फंसाया, शादी का दबाव बनाने पर दिया वारदात को अंजाम
  • 2 माह 6 दिन बाद पता चलने पर पुलिस ने खुदवाया गड्ढा

शहर में युवती की हत्या का सनसनीखेज मामला सामने आया है। युवती का शव शनिवार को कलेक्टोरेट के पास क्लीनिक के पास गड्‌ढे में मिला है। वह पिछले 14 दिसंबर 2020 से लापता थी। पुलिस के मुताबिक युवती की हत्या डेंटिस्ट डॉ. आशुतोष त्रिपाठी ने ही की थी। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। युवती डॉक्टर के क्लीनिक पर असिस्टेंट थी। डॉक्टर ने प्रेम जाल में फंसाकर उसका शारीरिक शोषण किया। युवती ने शादी का दबाव बनाया, तो गला दबाकर डाला। किसी को शक ना हो, इसलिए क्लीनिक के पास गड्‌ढा खोदकर कुत्ते के साथ शव को दफना दिया।

पुलिस के मुताबिक विभा केवट (24) निवासी मल्लाहन टोला धवारी एलएलबी की छात्रा थी। वह शहर में डॉ. कलेक्टोरेट भवन के पास बनी दुकानों में डॉ. आशुतोष त्रिपाठी के क्लीनिक पर असिस्टेंट काम करती थी। इसी बीच डॉक्टर ने छात्रा को शादी का झांसा देकर प्रेम जाल में फंसा लिया। कई दिनों तक उसका शारीरिक शोषण करता रहा। जब भी विभा शादी की बात कहती, तो आशुतोष टाल देता था।

परिजन से कहा – तुम्हारी बेटी की नौकरी लग गई

14 दिसंबर 2020 को युवती लापता हो गई। परिजन ने पहले बेटी को फोन किया, लेकिन कॉल नहीं लगा। डाॅक्टर से पूछताछ की तो उसने कहा कि आपकी बेटी की नौकरी लग गई है, लेकिन कहां लगी, तो इसकी जानकारी नहीं दी। इसी तरह वह करीब डेढ़ महीने तक उन्हें झांसा देता रहा। डेढ़ महीना बीत जाने के बाद, जब बेटी से बात नहीं हुई, तो परिजन सिटी कोतवाली पहुंचे। यहां 1 फरवरी को बेटी की गुमशुदगी दर्ज कराई।

क्लीनिक के पास इसी गड्‌ढे में दफना दिया था युवती का शव, जिस शनिवार को निकलवाया।

क्लीनिक के पास इसी गड्‌ढे में दफना दिया था युवती का शव, जिस शनिवार को निकलवाया।

कॉल डिटेल से खुलासा

पुलिस ने विभा के कॉल डिटेल निकाली, तो आखिरी कॉल डॉ. आशुतोष त्रिपाठी के ही मोबाइल पर मिली। इस पर पुलिस ने आशुतोष को हिरासत में लेकर पूछताछ की। पहले तो आरोपी बरगलाता रहा, लेकिन सख्ती करने पर उसने जुर्म कबूल लिया। उसने पुलिस को बताया कि 14 दिसंबर को ही विभा की हत्या कर दी थी। आरोपी ने बताया, लाश को ठिकाने लगाने के लिए वारदात के बाद शव क्लीनिक के ही पास सुलभ शौचालय के बाजू में खाली पड़ी जमीन में गड्‌ढा खुदवाकर दफन कर दी। शनिवार को CSP विजय प्रताप सिंह और टीआई कोतवाली अर्चना द्विवेदी जवानों के साथ मौके पर पहुंचे। यहां गड्‌ढा खुदवाकर लाश बरामद की।

गला दबा कर मारा, कुत्ते के साथ दफनाया

पुलिस ने बताया, आरोपी ने असिस्टेंट की हत्या उसके ही दुपट्टे से गला घोंट कर की थी। उसे डर था कि दुर्गंध के कारण लोगों को घटना का पता ना चल जाए। दो दिन तक आरोपी ने शव को क्लीनिक में रखा रहा। सच छिपाने के लिए उसने एक मरे हुए कुत्ते का भी इंतजाम किया। इसके बाद मजदूरों की मदद से गड्‌ढा खुदवाया। नमक की बोरियां मंगवाईं। इसके बाद शव को दफना दिया। उसके ऊपर मिट्‌टी डाली। इसके बाद मरे हुए कुत्ते को भी दफनाया, ताकि दुर्गंध आने पर अगर कोई देखने पहुंचे, तो उसे युवती का शव होने का संदेह न हो



Source link