चोरों की खैर नहीं: गांव में चोरी की वारदात के बाद युवा लाठी लेकर करने लगे रात्रि गश्त

चोरों की खैर नहीं: गांव में चोरी की वारदात के बाद युवा लाठी लेकर करने लगे रात्रि गश्त


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रतलाम/मथुरी2 घंटे पहले

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चोरी की बढ़ती वारदातों के मद्देनजर रात्रि गश्त करते हुए ग्रामीण युवा। 

  • 7 टीम प्रतिदिन अलग-अलग करती है गश्त

शहर में सहित जिले में चोरियों की वारदात बढ़ती जा रही है। इस पर पुलिस प्रशासन भी लगाम नहीं लगा पा रहा है क्योंकि पुलिस भी कहां-कहां ध्यान रखेगी। अपने परिवार व माल की सुरक्षा का जिम्मा हमें ही उठाना होगा। यह सोच कर ग्राम तितरी के युवाओं ने रात्रि गश्त शुरू कर दी है।

लगभग सवा माह पहले गांव में 7-8 लाख रुपए की चोरी हुई थी। इसके बाद यहां के युवाओं ने जिम्मा उठाते हुए रात्रि गश्त कर रहे हैं। ग्राम तितरी में 1 जनवरी की रात को गोवर्धन पिता धन्नालाल पाटीदार के यहां अज्ञात चोरों ने चोरी की वारदात को अंजाम दिया था। चोर यहां से सोने-चांदी के आभूषण, नकदी राशि सहित 7-8 लाख रुपए का सामान चोरी कर ले गए थे।

चोरी की वारदात के बाद गांव के वरिष्ठों व युवाओं ने मिलकर चोरी रोकने के लिए योजना बनाई। बैठक में सभी ने रात्रि गश्त करने का निर्णय लिया और उसी रात से गांव के युवाओं ने टोली बनाकर रात्रि गश्त करने लगे। इसके बाद कोई चोरी की वारदात गांव में नहीं हुई है।

गश्त पर नहीं आने पर लगता है 100 रुपए का जुर्माना

गांव जयंतीलाल पाटीदार, मनोज पाटीदार, भवानी पटेल, राजेंद्र पाटीदार, ओमप्रकाश बैरागी, पवन पाटीदार, प्रहलाद गुर्जर, राकेश राठौर, समरथ पाटीदार ने मिलकर 7 टीमें बनाई हैं। टीम में 18 से लेकर 40 साल तक के युवाओं को शामिल किया गया है। प्रत्येक टीम में 12-12 सदस्य हैं।

एक सप्ताह में एक-एक टीम का नंबर आता है रात्रि गश्त के लिए। बिना बताए रात्रि गश्त में नहीं आने वाले पर 100 रुपए का जुर्माना भी लगाया जाता है। रात्रि गश्त के समय 6-6 सदस्यों की टीम बना गांव के 8-10 चक्कर लगाते हैं। इस दौरान रात में एक बार माणकचौक थाने की डॉयल 100 भी गश्त पर आती है।



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