इस केस का मुखय आरोपी प्यारे मियां फि.लहाल जेल में है
Bhopal : राजधानी भोपाल के एक अखबार मालिक प्यारे मियां के खिलाफ भोपाल के साथ इंदौर में नाबालिग बच्चियों के साथ यौन शोषण मामले की जांच चल रही है.हाल ही में जिस बच्ची की मौत हुई वो इसी केस की पीड़ितों में से एक थी.
इस मामले की मजिस्ट्रियल जांच एडीएम माया अवस्थी ने की है. उन्होंने अपनी रिपोर्ट कलेक्टर अविनाश लवानिया को सौंपीं.रिपोर्ट में सस्पेंड चल रही अधीक्षिका अंतोनिया कुजूर की लापरवाही का खुलासा हुआ है.बालिका गृह के मैनेजमेंट की लापरवाही की वजह से बच्ची की जान गई थी.
ये है जांच रिपोर्ट…
-बालिका गृह में बच्चियों को दी जाने वाली दवाओं की निगरानी का कोई सिस्टम नहीं था. बच्चियां की अप्रोच उन दवाओं तक आसानी से थी. यही सबसे बड़ी लापरवाही रही कि बच्ची ने नींद की गोलियां ज्यादा संख्या में लीं और उसकी तबियत खराब होने के बाद इलाज के दौरान मौत हो गई.- यदि सिस्टम सही तरीके से काम करता है तो बच्ची को यह गोलियां उपलब्ध नहीं हो पातीं और इतनी बड़ी घटना नहीं होती.
– परिवार के साथ घर जाने की बात को लेकर बच्चियों का विवाद अधीक्षिका के साथ होता था.यही कारण रहा कि जब यह विवाद ज्यादा बढ़ गया तो बच्ची डिप्रेशन में चली गई और उसने इतना बड़ा कदम उठाया.
-बालिका गृह परिसर में गाड़ी की व्यवस्था नहीं है.जब बालिका गृह में कोई इमरजेंसी रहती है तो उस स्थिति में गाड़ी उपलब्ध नहीं होने की वजह से इलाज में देरी होती है.
ये पूरा मामला…
राजधानी भोपाल के एक अखबार मालिक प्यारे मियां के खिलाफ भोपाल के साथ इंदौर में नाबालिग बच्चियों के साथ यौन शोषण मामले की जांच चल रही है. प्यारे मियां के साथ उसके साथियों और उसके परिजनों पर भी एफ आई आर दर्ज है.इस मामले का खुलासा होते ही प्यारे मियां भाग गया था. पुलिस ने उसे जम्मू कश्मीर से गिरफ्तार किया था. इसके बाद से आरोपी जेल में बंद है और मामला कोर्ट में चल रहा है. इस मामले में पीड़ित एक बच्ची ने बालिका गृह में नींद की गोली अधिक संख्या में खा ली थीं. इसलिए उस बच्ची की इलाज के दौरान मौत हो गई. इसी मामले की मजिस्ट्रियल जांच की घोषणा की गयी थी जो अब पूरी हो गयी है.