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- The Account Holder Did Not Receive The Message, The Branch Manager Rs. 78 Thousand. Will Pay
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रतलाम2 घंटे पहले
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- सात प्रतिशत वार्षिक दर से ब्याज भी देना होगा
ऑनलाइन फ्राड करने वालों ने पीएचई के कर्मचारी के बैंक खाते से 64 हजार रुपए पर्चेसिंग अकाउंट में ट्रांसफर कर लिए। ट्रांजेक्शन के बावजूद बैंक ने खाताधारक को कोई अलर्ट मैसेज नहीं भेजा। सेवा में कमी पाते हुए जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोषण आयोग अध्यक्ष रमेश मावी और सदस्य जयमाला संघवी ने स्टेट बैंक (कलेक्टोरेट शाखा) प्रबंधक को आदेश दिए हैं कि तीस दिन के भीतर 64 हजार रुपए खाताधारक को एकमुश्त अदा करें। सेवा में त्रुटि के लिए 11 हजार रुपए और वाद व्यय 3 हजार रुपए भी 6 जुलाई 2018 से 7%वार्षिक ब्याज की दर के भुगतान करना होगा।
अभिभाषक प्रणव व्यास ने बताया पैलेस रोड निवासी सुरेशचंद्र पिता बालकृष्ण व्यास पीएचई विभाग में नौकरी करते हैं। 7 अप्रैल 2017 से 14 अप्रैल 2017 के बीच हेल्पचेट डाट इन द्वारा दो-दो हजार रुपए कर कुल 64 हजार रुपए पर्चेसिंग अकाउंट में ट्रांसफर कर लिए। बैंक खाते में उनका मोबाइल फोन नंबर रजिस्टर्ड है परंतु बैंक से किसी भी ट्रांजक्शन का कोई अलर्ट एसएमएस नहीं मिला। ठगी का शिकार हुए सुरेशचंद्र व्यास ने 10 अगस्त 2017 को स्टेशन रोड थाने में प्रकरण दर्ज करवाया। खाते की तकनीकी सुरक्षा न कर पाने के लिए 6 जुलाई 2018 को उपभोक्ता फोरम में परिवाद दाखिल किया। सुनवाई के दौरान बैंक ने तर्क दिया कि खाताधारक के परिजन ने डेबिट कार्ड का उपयोग किया होगा या पिन नंबर किसी से साझा किया होगा।
अभिभाषक व्यास ने तर्क दिया कि खाते से ट्रांजक्शन होने पर अलर्ट मैसेज मिल जाता तो परिवादी खाते और डेबिट कार्ड को ब्लॉक करने की कार्यवाही करता परंतु मैसेज नहीं आने से ऐसा नहीं हुआ। बैंक की ओर से तर्क दिया कि मैसेज भेजे थे उन्हें मिले नहीं। परंतु मैसेज भेजने का कोई रिकाॅर्ड प्रस्तु नहीं कियाबैंक की असावधानी प्रमाणित होने पर उपभोक्ता विवाद प्रतितोषण आयोग अध्यक्ष रमेश मावी और सदस्य जयमाला संघवी ने शाखा प्रबंधक के खिलाफ आदेश पारित किया।