दुती चंद और हिमा दास पहली बार आमने-सामने: दुती बोलीं- फेडरेशन हमारी तुलना न करे, हिमा ने कोई ओलिंपिक या एशियन गेम्स में मेडल नहीं जीता

दुती चंद और हिमा दास पहली बार आमने-सामने: दुती बोलीं- फेडरेशन हमारी तुलना न करे, हिमा ने कोई ओलिंपिक या एशियन गेम्स में मेडल नहीं जीता


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नई दिल्ली4 मिनट पहलेलेखक: राजकिशोर

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ग्रां प्री-2 में गुरुवार को भारत की दो चैम्पियन रेसर दुती चंद और हिमा दास पहली बार 100 मीटर और 200 मीटर इवेंट में आमने-सामने होंगी। यह इवेंट पंजाब के पटियाला में नेताजी सुभाष नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ स्पोर्ट्स (NSNIS) में आयोजित होगा। दुती चंद 2018 के एशियन गेम्स में सिल्वर मेडल जीत चुकी हैं, जबकि हिमा ने 2018 में IAAF वर्ल्ड अंडर-20 एथलेटिक्स चैम्पियनशिप में 400 मीटर में गोल्ड मेडल जीता था। वे पहली बार 100-200 मीटर में हिस्सा ले रही हैं।

एथलेटिक्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (AFI) इसके प्रचार के लिए सोशल मीडिया पर दोनों के बीच तुलना कर रही है। इससे दुती चंद गुस्से में है। उन्होंने फेडरेशन पर दोनों के बीच तनाव बढ़ाने का आरोप लगाया है। साथ ही हिमा के इवेंट चेंज करने पर भी सवाल उठाया है। उन्होंने भास्कर से बातचीत में कहा कि हिमा कोई ओलिंपिक या एशियन गोल्ड मेडलिस्ट नहीं हैं, जिनसे उनकी तुलना की जा रही है।

दुती चंद ने हिमा के इवेंट चेंज करने पर सवाल उठाया
दुती ने कहा, ‘हिमा ने कभी 100, 200 मीटर में हिस्सा नहीं लिया। उसके साथ फेडरेशन मेरी तुलना क्यों कर रही है। क्या हिमा और मेरे अलावा कोई अन्य एथलीट नहीं हैं? क्यों हम दोनों के बीच तनाव बढ़ाया जा रहा है? अगर फेडरेशन को इस इवेंट को प्रचारित करना ही था, तो धनेश्वरी और अर्चना सहित अन्य एथलीटों का नाम भी शामिल करते। हिमा ने पहले सिर्फ 400 मीटर और 800 मीटर में हिस्सा लिया है। 400 मीटर में उसने नेशनल रिकॉर्ड बनाया है। ऐसे में 100 मीटर में वे क्यों भाग ले रही हैं। कुछ न कुछ गलत जरूर है।’

बैक प्रॉब्लम में 100 मीटर भाग सकती हैं, तो 400 मीटर क्यों नहीं?
दुती ने कहा, ‘यह सुन रही हूं कि हिमा को बैक प्रॉब्लम है। ऐसे में तो 50 मीटर भी भागने में मुश्किल होती है। वे 100 मीटर और 200 मीटर में भाग सकती हैं, तो 400 मीटर भागने में क्या दिक्कत है? मुझे भी बताएं कि कौन सा डॉक्टर है, जो बैक प्रॉब्लम में 100 और 200 मीटर की सलाह दे सकते हैं और 400 मीटर भागने पर मना कर देते हैं। मैं 15 साल से भाग रही हूं। अगर हिमा दास को फेडरेशन इतना ही फाइटर मानती है, तो एशियन गेम्स में क्यों नहीं भेजा।

‘ओलिंपिक की तैयारी कर रही, मेरा कॉम्पिटिशन किसी से नहीं’
दुती ने कहा, ‘मैं किसी के साथ भी कॉम्पिटिशन करने के लिए तैयार नहीं हूं। मैं खुद के बेस्ट टाइमिंग को तोड़ने के लिए इवेंट में उतर रही हूं। मेरा 100 मीटर में बेस्ट टाइमिंग 11.22 सेकेेंड का है। मैं खुद को बेहतर कर ओलिंपिक के लिए क्वालिफाई करना चाहती हूं। ओलिंपिक क्वालिफाइंग का टाइम 11.15 सेकेंड है। मैं इसको पार करने के लिए तैयारी कर रही हूं। ग्रां प्री-1 में मैंने 100 मीटर के लिए 11.51 सेकेंड का समय लिया था। हालांकि, कोरोना के बाद यह पहला इवेंट है। ऐसे में 2-3 कॉम्पिटिशन के बाद ही फॉर्म में वापस लौट पाऊंगी। मेरे साथ कौन भाग रहा है, मुझे उससे ज्यादा मतलब नहीं है।’

दुती ने पटियाला में किए गए इंतजाम पर भी सवाल उठाए
दुती ने कहा- 3 मार्च को होने वाली ग्रां प्री-3 इवेंट में मैं भाग नहीं लूंगी। ऐसा इसलिए क्योंकि पटियाला में बेहतर इंतजाम नहीं हैं। प्रतियोगिता में भाग लेने के लिए कोरोना निगेटिव सर्टिफिकेट मांगा गया था। मैंने वह दे दिया, लेकिन ट्रैक पर प्रैक्टिस नहीं करने दी गई। मेरा नाम नेशनल कैंप में भी है। वहीं, पटियाला हॉस्टल में रुकने पर 7 दिन क्वारैंटाइन रहना होगा और ट्रेनिंग भी नहीं कर सकती हूं। इसलिए मैं बाहर होटल में रुकी हुई हूं। मैं पंजाब यूनिवर्सिटी के ट्रैक पर ट्रेनिंग कर रही हूं। 25 फरवरी के ग्रां प्री इवेंट के बाद मैं ओडिशा लौट जाऊंगी और वहां पर ही रहकर फेडरेशन कप के लिए तैयारी करूंगी। फेडरेशन कप मई में होगा।



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